अवैध कोल लेवी वसूली प्रकरण में ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई, जयचंद कोशले के खिलाफ 1000 पेज का अभियोग पत्र दाखिल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित अवैध कोल लेवी वसूली प्रकरण में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी जयचंद कोशले के विरुद्ध लगभग 1000 पेज का अभियोग पत्र दाखिल किया है। यह अभियोग पत्र अपराध क्रमांक 03/2024 के तहत सोमवार, 15 दिसंबर 2025 को माननीय विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रायपुर में प्रस्तुत किया गया। वर्तमान में आरोपी जयचंद कोशले केंद्रीय जेल रायपुर में निरुद्ध है।
ईओडब्ल्यू द्वारा दाखिल अभियोग पत्र में जयचंद कोशले के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420, 384, 467, 468, 471 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7, 7ए एवं 12 के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, अभियुक्त जयचंद कोशले उर्फ जय तत्कालीन मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ रहते हुए सौम्या चैरसिया का निज सहायक था और उसके अधीनस्थ के रूप में कार्य कर रहा था। वह अवैध कोल लेवी वसूली से प्राप्त भारी नगद राशि का वास्तविक रिसीवर और मध्यस्थ था। जप्त डायरी में “जय” नाम से अंकित सभी प्रविष्टियां जयचंद कोशले और सौम्या चैरसिया से संबंधित पाई गई हैं, जो अवैध लेन-देन की पुष्टि करती हैं।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, जयचंद कोशले अपराध की पूरी श्रृंखला में एक अहम कड़ी रहा। वह न केवल अवैध रूप से वसूली गई राशि को भौतिक रूप से प्राप्त करता था, बल्कि उसे सौम्या चैरसिया तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी निभाता था। इस प्रकार अवैध धन की रिसीविंग, कस्टडी और ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया में उसकी सक्रिय भूमिका रही। जांच में सामने आया है कि जयचंद कोशले, सौम्या चैरसिया के निर्देश पर सूर्यकांत तिवारी के निवास सहित अन्य स्थानों से राशि प्राप्त करता था और फिर यह रकम मनीष उपाध्याय या सौम्या चैरसिया द्वारा बताए गए व्यक्तियों को सौंपता था। ईओडब्ल्यू के अनुसार, अभियुक्त ने अवैध कोल लेवी वसूली से लगभग 7 से 8 करोड़ रुपये सौम्या चैरसिया के लिए प्राप्त किए।
जांच के दौरान सूर्यकांत तिवारी और अन्य आरोपियों के मोबाइल फोन से जप्त डिजिटल साक्ष्यों में लेवी से प्राप्त राशि का पूरा लेखा-जोखा मिला है। इसके साथ ही रियल टाइम एंट्री के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में “जय” नाम से संबंधित कई प्रविष्टियां भी पाई गई हैं, जो अभियुक्त की संलिप्तता को मजबूत रूप से प्रमाणित करती हैं। इसके अतिरिक्त, अनिल टुटेजा और सौम्या चैरसिया के बीच हुई चैट्स भी सामने आई हैं, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि जयचंद कोशले, सौम्या चैरसिया के निर्देश पर गोपनीय कार्यों तथा महत्वपूर्ण फाइलों और दस्तावेजों को अनिल टुटेजा तक पहुंचाने का कार्य करता था। साथ ही विभिन्न व्यक्तियों तक अवैध राशि पहुंचाने से संबंधित तथ्य भी डिजिटल साक्ष्यों में दर्ज पाए गए हैं।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, जयचंद कोशले ने न केवल मध्यस्थ की भूमिका निभाई, बल्कि स्वयं के लिए भी अवैध राशि का हिस्सा प्राप्त कर संपत्ति अर्जित की। इस अवैध धन का निवेश उसने अपने और अपने परिवारजनों के नाम पर संपत्तियां खरीदने में किया है, जिसकी जांच वर्तमान में जारी है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व जुलाई 2024 में 15 आरोपियों, अक्टूबर 2024 में 2 आरोपियों तथा अक्टूबर 2025 में 2 अन्य आरोपियों के विरुद्ध चालान प्रस्तुत किया जा चुका है। अब तक इस प्रकरण में कुल 20 आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र दाखिल किए जा चुके हैं, जबकि अन्य संभावित आरोपियों के विरुद्ध विवेचना अभी जारी है।



