AI को बहला-फुसलाकर हो रही है हैकिंग! Prompt Injection Attack बना नया साइबर खतरा, Instagram अकाउंट्स तक हुए निशाना

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जितनी तेजी से दुनिया की जिंदगी बदल रहा है, उतनी ही तेजी से उससे जुड़े नए खतरे भी सामने आ रहे हैं। अब साइबर सिक्योरिटी की दुनिया में एक नया शब्द चर्चा में है—Prompt Injection Attack। विशेषज्ञ इसे AI सिस्टम्स की सबसे बड़ी कमजोरियों में से एक मान रहे हैं।

हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, हैकर्स ने इसी तकनीक का इस्तेमाल कर इंस्टाग्राम के हजारों अकाउंट्स को निशाना बनाया। चौंकाने वाली बात यह रही कि कथित तौर पर Meta के AI टूल्स का दुरुपयोग कर सिस्टम तक पहुंच बनाने की कोशिश की गई। हालांकि बाद में कंपनी ने इस खामी को दूर कर दिया, लेकिन इस घटना ने AI सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
क्या है Prompt Injection Attack?
सरल भाषा में समझें तो AI मॉडल जैसे ChatGPT, Claude या अन्य चैटबॉट्स इंसानों की तरह नहीं सोचते। वे दिए गए निर्देशों यानी प्रॉम्प्ट के आधार पर जवाब देते हैं। इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर साइबर अपराधी AI को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं।
हैकर ऐसे विशेष निर्देश लिखते हैं, जिनसे AI अपने मूल सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज कर सकता है। कई मामलों में AI से ऐसी जानकारी निकलवाने की कोशिश की जाती है, जो सामान्य परिस्थितियों में उपलब्ध नहीं होती। यही प्रक्रिया Prompt Injection Attack कहलाती है।
पासवर्ड नहीं, AI को बनाया जा रहा निशाना
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि यह पारंपरिक हैकिंग से अलग है। यहां सिस्टम को तोड़ने के बजाय AI को गुमराह किया जाता है। यानी हमला सीधे सर्वर या पासवर्ड पर नहीं, बल्कि AI के निर्णय लेने के तरीके पर किया जाता है।
बढ़ी कंपनियों की चिंता
AI आधारित सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ बड़ी टेक कंपनियां भी इस खतरे को गंभीरता से ले रही हैं। सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार नए सुरक्षा उपाय विकसित कर रहे हैं ताकि AI मॉडल्स को गलत निर्देशों और भ्रामक इनपुट से बचाया जा सके।
तकनीकी जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में Prompt Injection Attack साइबर सुरक्षा के सबसे बड़े चैलेंज में से एक बन सकता है। ऐसे में AI प्लेटफॉर्म्स और यूजर्स दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है।



