आयुष्मान योजना के तहत इलाज से इनकार करने वाले निजी अस्पतालों पर सरकार सख्त: स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा में दी जानकारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन और निजी अस्पतालों द्वारा इलाज में बरती जा रही कोताही का मुद्दा गूंजा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन को बताया कि राजधानी रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल, श्री नारायणा हॉस्पिटल और बालगोपाल हॉस्पिटल समेत कई नामचीन अस्पतालों के खिलाफ आयुष्मान कार्ड के जरिए उपचार न करने की शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए विभाग ने संबंधित अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
विधानसभा में कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने योजना की वर्तमान स्थिति और हितग्राहियों को हो रही समस्याओं पर सवाल उठाए थे। उन्होंने एक अप्रैल 2025 से 15 फरवरी 2026 के बीच योजना के तहत हुए उपचार, लंबित भुगतान और शिकायतों की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी थी।
जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में कुल 2.47 करोड़ आयुष्मान कार्डधारी हैं। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 से 2026 तक इस योजना के अंतर्गत 22,59,995 लोगों का सफल उपचार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण योजना में 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार का और 40 प्रतिशत अंशदान राज्य सरकार का होता है।
मंत्री जायसवाल ने आगे जानकारी दी कि योजना में शामिल अस्पतालों के विरुद्ध अब तक कुल 31 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन पर विभागीय कार्यवाही की गई है। आयुष्मान कार्ड से इलाज करने से मना करने वाले कई अस्पतालों को नोटिस थमाया गया है, जबकि कुछ अन्य के खिलाफ जांच अभी भी जारी है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मरीजों के उपचार में लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।



