Raipur Ganesh Jhanki 2026 Date: रायपुर में बदली गई गणेश झांकियों की तारीख.. रविवार नहीं बल्कि इस दिन होगा प्रतिमाओं का विसर्जन, जानें बदलाव की वजह…

रायपुर। राजधानी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। भारी बारिश को देखते हुए कई जगह स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है, वहीं पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी बीच गणपति विसर्जन और ऐतिहासिक झांकियों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।
बारिश के चलते रायपुर में गणपति की ऐतिहासिक झांकियों के आयोजन की तारीख में बदलाव किया गया है। पहले आयोजन समितियों और पुलिस के बीच हुई बैठक में झांकी निकालने के लिए 27 सितंबर रविवार की तारीख तय की गई थी। अब मौसम की स्थिति को देखते हुए इसे एक दिन आगे बढ़ा दिया गया है। रायपुर में गणपति झांकी अब सोमवार 28 सितंबर को निकाली जाएगी।
इसी तरह राजनांदगांव में भी गणेश झांकी यात्रा के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। यहां गणेश झांकी का आयोजन शनिवार 26 सितंबर को किया जाएगा।
पुलिस और आयोजन समितियों की बैठक में बनी थी योजना...
गणपति विसर्जन और झांकी प्रदर्शन को लेकर दो दिन पहले रायपुर पुलिस कमिश्नरेट और आयोजन समितियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। बैठक में झांकियों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात और मार्ग परिवर्तन, आयोजन का समय, डीजे समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा कर व्यवस्था तय की गई थी।
इसी बैठक में रायपुर में झांकी के लिए 27 सितंबर की तारीख निर्धारित की गई थी। लेकिन लगातार हो रही बारिश और मौसम की स्थिति को देखते हुए अब आयोजन को 28 सितंबर तक के लिए टाल दिया गया है।
बारिश के बीच भी जारी है गणपति विसर्जन...
बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नजर नहीं आ रही है। रायपुर के ग्रामीण और शहर से लगे इलाकों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन जारी है। बारिश के बीच श्रद्धालु और आयोजन समितियों के सदस्य डीजे और धुमाल की धुन पर गणपति बप्पा को विदाई देते नजर आ रहे हैं।
अनंत चतुर्दशी के मौके पर प्रतिमा विसर्जन के चलते शहर के कई इलाकों में यातायात का दबाव भी देखने को मिला। मोवा और सड्डू क्षेत्र में कई गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है।
भारी बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट...
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बारिश की स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने को कहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रखा गया है। किसी भी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने और आम लोगों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील...
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने लोगों से नदी, नाले, जलप्रपात और अन्य उफनते जलस्रोतों के पास नहीं जाने को कहा है। पानी का बहाव अचानक बढ़ने की स्थिति में खतरा पैदा हो सकता है।
उन्होंने जलमग्न पुल-पुलियों और सड़कों को पार नहीं करने तथा बैरियर लगाए गए स्थानों पर प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खासकर रात के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। लोगों से गिरे हुए बिजली के तारों से दूर रहने और ऐसी स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित विभाग, पुलिस या स्थानीय प्रशासन को देने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में भी लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है।
आपात स्थिति में 112 पर करें संपर्क...
मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक डायल 112 अथवा स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से मौसम और राहत से जुड़ी जानकारी के लिए केवल शासन-प्रशासन के अधिकृत स्रोतों पर भरोसा करने तथा अफवाहों और भ्रामक संदेशों को आगे नहीं बढ़ाने की अपील की है।
लगातार बारिश के बीच प्रशासन की ओर से लोगों से संयम और सतर्कता बरतने की अपील की गई है। साथ ही आसपास किसी व्यक्ति को सहायता की जरूरत होने पर यथासंभव मदद करने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है।



