सिलेंडर के झंझट से मिली मुक्ति: रायपुर समेत तीन जिलों में पाइपलाइन से पहुंचेगी गैस, सीएम ने पहली हितग्राही से की बात

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में सिटी गैस अवसंरचना परियोजना का उद्घाटन करते हुए प्रदेश में स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। इस अवसर पर पीएनजी रसोई गैस पाइपलाइन सुविधा की भी शुरुआत की गई।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पहली महिला उपभोक्ता पूनम चौबे से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की। पूनम चौबे ने इस सुविधा के लिए आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें गैस सिलेंडर की परेशानी से राहत मिलेगी और यह व्यवस्था काफी सुविधाजनक है। मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह योजना प्रदेश के लोगों के जीवन को आसान बनाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रायपुर, गरियाबंद और बलौदाबाजार जिलों में सिटी गैस अवसंरचना का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने विकास की नई इबारत लिखी है और अब घरेलू, वाहन और औद्योगिक क्षेत्रों में सीएनजी और पीएनजी गैस का उपयोग बढ़ेगा। यह ईंधन सस्ता, सुरक्षित और सुलभ है, जिससे गैस सिलेंडर के खर्च में बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। प्रदेश में सीएनजी स्टेशनों की संख्या बढ़ाने की भी योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में बड़ा प्रयास है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रीन एनर्जी विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने तीनों जिलों के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश की पहली महिला लाभार्थी के रूप में पूनम चौबे के घर पीएनजी की पहली पाइपलाइन पहुंची है।
होली से पहले किसानों के खातों में अंतर की राशि आएगी
मुख्यमंत्री ने किसानों से जुड़े मुद्दे पर कहा कि होली से पहले किसानों के खातों में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जाएगी, ताकि वे त्योहार अच्छी तरह मना सकें। उन्होंने बताया कि बिलासपुर के बिल्हा में अगले दिन एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें वे शामिल होंगे और प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पूर्व नक्सली विधानसभा की कार्रवाई देख रहे
आत्मसमर्पित नक्सलियों के विधानसभा पहुंचने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सत्ता में आते ही प्रभावी पुनर्वास नीति लागू की है। माओवादियों से मुख्यधारा में जुड़ने का आग्रह किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझने के लिए विधानसभा की कार्रवाई भी देख रहे हैं।



