केंद्रीय बजट को पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने बताया निराशाजनक, कहा छत्तीसगढ़ को अडानी के भरोसे छोड़ा

रायपुर। केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे पूरी तरह निराशाजनक करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस बजट से देश के किसी भी वर्ग को कुछ हासिल नहीं हुआ है और केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को पूरी तरह अडानी के लिए छोड़ दिया है। बघेल ने बजट को प्रतिगामी बताते हुए कहा कि इसमें कृषि, उद्योग, रोजगार और मजदूरों के हित में कोई भी ठोस प्रावधान नहीं किए गए हैं।
बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि बजट की नकारात्मकता का प्रभाव शेयर बाजार में आई भारी गिरावट के रूप में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उन्होंने आयकर स्लैब में बदलाव न किए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मध्यम वर्ग के लिए भी इस बजट में कोई राहत नहीं है। व्यंग्यात्मक लहजे में उन्होंने कहा कि बजट में शराब महंगी और मछली सस्ती हुई है, जिससे अवैध शराब की बिक्री और बढ़ने की आशंका है।
धान खरीदी के मुद्दे पर प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 31 जनवरी की तारीख बीत जाने के बाद भी किसान सड़कों पर परेशान रहे। बघेल ने दावा किया कि जब भाजपा के अपने नेता ही अपना धान नहीं बेच पाए, तो आम किसानों की स्थिति समझी जा सकती है। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी के बावजूद छोटे किसानों को समर्पण के लिए मजबूर किया गया और बड़े किसानों को टोकन तक उपलब्ध नहीं हो पाए।



