Forest department raid
Chhattisgarh

वन विभाग की दबिश: खेत में चल रहा था अवैध चिरान का काम, रंगे हाथ पकड़े गए मजदूर; सरगना की तलाश जारी

गरियाबंद। देवभोग नगर से लगे एक खेत में सागौन लकड़ी के अवैध चिरान का मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने छापेमारी कर 18 नग सागौन लठ्ठा, 2 नग चिरान और 2 आरा जब्त किए हैं। मौके से लकड़ी काट रहे दो मजदूरों को हिरासत में लिया गया, जबकि मुख्य आरोपी फरार हो गया।

जानकारी के अनुसार राजापारा तालाब से करीब एक किलोमीटर दूर एक खेत में लंबे समय से सागौन पेड़ों की अवैध कटाई कर चिरान तैयार कर बेचा जा रहा था। सूचना मिलने पर देवभोग रेंजर अश्वनी कुमार मुर्चुलिया के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी। मौके पर दो मजदूर सागौन लठ्ठों का चिरान करते हुए पकड़े गए। एक अन्य व्यक्ति बैल जोड़ी से लठ्ठा लाते देखा गया, लेकिन वह मौके से फरार हो गया।

कार्रवाई में डिप्टी रेंजर फिरोज खान, फॉरेस्ट गार्ड लम्बोदर सोरी और केशरी नायक सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। पकड़े गए मजदूर खरत राम और अंगद राम, दोनों निवासी पूरनापानी, ने बयान में बताया कि वे देवभोग निवासी बलभद्र नागेश के लिए काम करते थे और उन्हें रोजाना मजदूरी दी जाती थी। इसके आधार पर वन विभाग ने मुख्य आरोपी बलभद्र नागेश के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। टीम ने दिनभर में चार बार उसके घर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला।

रेंजर ने बताया कि 0.708 घन मीटर के 18 लठ्ठे और 0.024 घन मीटर के 2 चिरान जब्त किए गए हैं। जब्त लकड़ी की सरकारी कीमत 40 हजार 526 रुपए आंकी गई है। मुख्य आरोपी के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आसपास कटे पेड़ों के ठूंठों की गिनती कर भूमि स्वामी को भी नोटिस जारी किया जाएगा और अनुमति संबंधी जानकारी मांगी जाएगी।

प्राथमिक आकलन के अनुसार एक वर्ष में 150 से अधिक और पिछले पांच वर्षों में करीब एक हजार से ज्यादा सागौन पेड़ काटे जाने की आशंका है। मजदूरों के अनुसार एक पेड़ 5 से 10 हजार रुपए में खरीदा जाता था और उसे चिरान व चौखट बनाकर बेचा जाता था। एक पेड़ से लगभग 30 हजार रुपए तक की कमाई की जाती थी।

नियमों के अनुसार निजी या राजस्व भूमि पर इमारती पेड़ काटने के लिए एसडीएम के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होता है। वन विभाग की सत्यापन रिपोर्ट और शुल्क जमा होने के बाद ही अनुमति दी जाती है। लेकिन इस क्षेत्र में नियमों के विपरीत लंबे समय से कटाई जारी थी। वन विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

Chaiपुर
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NU Desk

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