नीमच जिले में ओलावृष्टि और बारिश से किसानों को भारी नुकसान

नीमच। जिले में कल हुई ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है, खासकर अफीम की फसल को। 10 गांवों के किसान सड़कों पर उतर आए हैं और उन्होंने अपनी फसलों के नुकसान का विरोध किया है। भंवरासा, कचोली, खेताखेड़ा, केलुखेड़ा, बामनिया, पालसोड़ा, पिपलियाव्यास, मेलकी मेवाड़, विशन्या और दिपुखेड़ी जैसे गांवों में अफीम, चना, गेहूं, चिया, जौ, लहसुन, प्याज, सरसों, मेथी, अलसी, मसूर और किनवा जैसी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। किसानों का कहना है कि नुकसान इतना गंभीर है कि खेतों में अब कुछ भी बचा नहीं है और फसलें शत-प्रतिशत नष्ट हो चुकी हैं।
किसानों ने चक्काजाम कर किया विरोध
आक्रोशित किसानों ने महू-नसीराबाद हाईवे पर भंवरासा फाटे पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप रही, और किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने बिना कागजी सर्वे के तुरंत उचित मुआवजा और बीमा राशि की स्वीकृति की मांग की। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे, और उचित कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद करीब एक घंटे बाद चक्का जाम खोला गया।
बिजली संकट के कारण गेहूं की फसल खराब
राजगढ़ जिले में भी किसानों ने राजगढ़-ब्यावरा हाइवे पर चक्काजाम किया। किसानों का कहना है कि बिजली न मिलने के कारण गेहूं की फसल खराब हो गई है। किसानों ने हिरणखेड़ी ग्रिड के सामने जाम लगाकर स्टाफ की बदली की मांग की। किसानों के समर्थन में पूर्व विधायक बापू सिंह तंवर भी मौजूद थे।
राजस्व विभाग की टीमें किसानों के खेतों पर पहुंची
मंदसौर जिले में भी बारिश और ओलावृष्टि के नुकसान का जायजा लेने के लिए अधिकारियों ने खेतों का दौरा किया। मल्हारगढ़ क्षेत्र के कुछ गांवों में कल और बीती रात भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के निर्देश पर एसडीएम सहित राजस्व विभाग की टीमें किसानों के खेतों पर पहुंची और फसलों के नुकसान का आकलन किया। भाजपा जिलाध्यक्ष और कई कांग्रेसी नेता भी किसानों के खेतों में पहुंचे। अधिकारियों ने अफीम, गेहूं और अन्य फसलों में हुए नुकसान का जायजा लेकर रिपोर्ट जिला प्रशासन को पेश करने की बात कही।



