इकलौते बेटे की मौत से टूटा परिवार: अस्पताल पहुंचे जीजीयू और जीडीसी के प्रोफेसर, साथी शिक्षक का बुरा हाल

बिलासपुर। सेंट्रल यूनिवर्सिटी और शासकीय महाविद्यालय में पदस्थ प्रोफेसर दंपती के इकलौते बेटे ने मंगलवार रात जहर सेवन कर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान यश वर्धन सिंह ठाकुर के रूप में हुई है, जो गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग का छात्र था। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 8 बजे यश वर्धन लोधीपारा स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के पास अचेत अवस्था में मिला। उसे तत्काल अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में सायनाइड सेवन की आशंका जताई जा रही है।
मृतक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन शाखा में द्वितीय वर्ष का छात्र था। उसके पिता संतोष सिंह ठाकुर गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं, जबकि मां किरण सिंह ठाकुर शासकीय कन्या महाविद्यालय में प्राध्यापक हैं।
बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम यश वर्धन काफी देर तक घर नहीं लौटा था। इस दौरान उसने अपनी मां से बात की, जिसमें वह तनावग्रस्त प्रतीत हुआ। इसके बाद परिजनों ने विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों और दोस्तों की मदद से उसकी तलाश शुरू की। इसी बीच उसके अचेत अवस्था में मिलने की सूचना मिली।
घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के कई प्रोफेसर अपोलो अस्पताल पहुंच गए। इकलौते बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सरकंडा पुलिस ने अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर मर्ग कायम कर लिया है और आगे की जांच कर रही है। देर रात होने के कारण पंचनामा और पोस्टमार्टम नहीं हो सका। शव को फिलहाल अस्पताल की मरच्यूरी में सुरक्षित रखा गया है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।



