दिवालिया हुआ आबकारी विभाग! नही मिला कर्मचारियों को तीन माह से सैलरी…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक ऐसा भी विभाग है जो हमेशा मीडिया की हेडलाइन बना रहता है। फिर चाहे वह पिछली सरकार में हुए शराब घोटाले का मामला हो या फिर अवैध शराब बेचने का मामला हो। वहीं अब एक बार फिर प्रदेश का आबकारी विभाग सुर्खियां बटोर रहा है। इस बार का वजह अवैध शराब बिक्री या शराब घोटाला मामला नहीं बल्कि इस बार का वजह तो कर्मचारियों को सैलरी न देने का है बता दें कि सरकारी शराब दुकानों में कार्य कर रहे सुपरवाइजर व सेल्समेन जैसे निचले तबके के कर्मचारियों को पिछले 3 माह से सैलरी नहीं मिली है। इन कर्मचारियों की सैलरी इतनी मोटी नहीं की एकात महीने नहीं मिलने से अपना घर चला सकें। बल्कि इनकी सैलरी महज़ 10 हजार से 15 हजार रुपये के बीच है। वहीं जानकारी के अनुसार शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों की सैलरी पिछले माह से बढ़ कर आने वाली थी लेकिन बढ़ना तो दूर जो सैलरी इन्हें मिलनी थी वह ही अभी तक नही मिली है। वहीं सैलरी की समस्या से जूझ रहे कुछ कर्मचारियों द्वारा बीते दिनों आबकारी विभाग में सैलरी के भुगतान के लिए आवेदन भी किया गया है।
आपको बता दें कि आबकारी विभाग के निचले तबके कर्मचारियों में सिर्फ सैलरी की समस्या ही नहीं बल्कि सुरक्षा की भी एक बड़ी समस्या है। विभागीय जानकारी के अनुसार बीते दिनों फाफाडीह स्थित शराब दुकान के सुपरवाइजर धनी रात्रे नामक व्यक्ति के साथ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा मार पीट की घटना को अंजाम दिया गया था।
ऐसी ही मार पीट की घटना दो साल पूर्व कचना स्थित शराब दुकान के कर्मचारियों के साथ भी घटित हुआ था उस समय भी nationupdate.in की टीम ने शराब दुकान संचालकों पर हो रहे मारपीट की घटना को प्रमुखता से उठाया था लेकिन न ही उस समय इनकी सुरक्षा के लिए कोई कदम उठाया गया और न ही आज। वहीं पेमेंट नहीं मिलने से सभी कर्मचारियों में भारी आक्रोशित देखा जा सकता हैं। और सैलरी नहीं मिलने से ये सभी अपने आप को छला हुआ महसूस कर रहे हैं।