Eid, the festival of joy: Learn about its connection
Chhattisgarh

खुशियों का पर्व ईद: जानें रमजान से इसका संबंध और पहली बार कब मनाई गई थी यह ईद

ईद-उल-फितर को लेकर लोगों में उत्साह बढ़ता जा रहा है। यह इस्लाम धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक माना जाता है। एक महीने तक रोजा रखने, इबादत करने और आत्मसंयम का पालन करने के बाद ईद का दिन खुशियां मनाने और अल्लाह का शुक्रिया अदा करने का अवसर लेकर आता है। हालांकि हर साल की तरह इस बार भी ईद की तारीख को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है, क्योंकि इसका निर्धारण चांद के दर्शन के आधार पर होता है।

ईद-उल-फितर कब मनाई जाएगी

ईद-उल-फितर की सही तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है। इस्लामी कैलेंडर के अनुसार रमजान के बाद शव्वाल महीने की शुरुआत होती है और उसी महीने का पहला दिन ईद-उल-फितर के रूप में मनाया जाता है। यदि 19 मार्च की शाम को शव्वाल का चांद दिखाई देता है तो भारत में ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी। वहीं अगर उस दिन चांद दिखाई नहीं देता है तो रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद ईद का पर्व 21 मार्च को मनाया जाएगा। भारत में चांद दिखने की आधिकारिक घोषणा स्थानीय चांद कमेटियों और धार्मिक संगठनों द्वारा की जाती है, जिसके बाद ही ईद की अंतिम तारीख तय होती है।

रमजान और ईद का संबंध

रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना होता है और इसे इबादत, संयम और आध्यात्मिक साधना का समय माना जाता है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखते हैं और अधिक समय नमाज, कुरान पाठ और दुआ में बिताते हैं। रमजान के समाप्त होते ही शव्वाल महीने की शुरुआत होती है और उसी का पहला दिन ईद-उल-फितर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन रोजों की अवधि पूरी होने के बाद खुशियां मनाने और अल्लाह का शुक्रिया अदा करने का प्रतीक माना जाता है।

ईद-उल-फितर का इतिहास

इस्लामी परंपराओं के अनुसार ईद-उल-फितर की शुरुआत पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के समय से मानी जाती है। माना जाता है कि सन् 624 ईस्वी में बदर की ऐतिहासिक लड़ाई के बाद पहली बार मुसलमानों ने ईद-उल-फितर मनाई थी। उस समय इस पर्व को अल्लाह का शुक्रिया अदा करने और समुदाय के बीच खुशियां बांटने के रूप में मनाया गया था। तब से यह पर्व हर साल पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है और आज भी इसका मूल संदेश आपसी प्रेम, दया और आस्था से जुड़ा हुआ है।

Chaiपुर
Show More

NU Desk

News is at the very core of an informed citizen, it builds awareness about the happenings around and such awareness can be crucial in taking decisions on a normal working day. At NATION UPDATE News, We believe that every news starts with a voice, a voice with concern that wants to discuss or criticise what’s happening around. So before becoming news, it first becomes the voice of masses, that’s what news is at NATION UPDATE News.

Related Articles

Back to top button

You cannot copy content of this page

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker