विधानसभा में गौवंश, कृत्रिम गर्भाधान और दुग्ध उत्पादन पर चर्चा, पक्ष-विपक्ष में तीखी बहस

विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में गौवंश, कृत्रिम गर्भाधान, दुग्ध उत्पादन और मादा पशुओं की प्रजनन नीति जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मादा गौवंशीय पशुओं की संख्या, गर्भाधान नीति और टीकाकरण व्यवस्था को लेकर सरकार से सवाल किए।
अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश दुग्ध उत्पादन के मामले में अभी आत्मनिर्भर नहीं है और इस क्षेत्र की स्थिति चिंताजनक है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार आपकी है, काम आप नहीं कर पा रहे हैं और आरोप हम पर लगाए जा रहे हैं। प्रश्नकाल के दौरान चिराग परियोजना और नए केंद्रों की स्थापना को लेकर भी चर्चा हुई।
विपक्ष के नेता चरणदास महंत ने गांवों में बछिया और कृत्रिम गर्भाधान की व्यवस्था का मुद्दा उठाया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिराग परियोजना की राशि और उसकी प्रगति को लेकर सरकार से सवाल किए। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने योजनाओं की स्थिति, राष्ट्रीय गोकुल मिशन और निजी क्षेत्र की भागीदारी से जुड़ी जानकारी सदन में दी। सदन में कुल 77 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लगाए गए, जिनमें कानून व्यवस्था, किसानों और पशुपालकों से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।
प्रश्नकाल के दौरान अजय चंद्राकर ने पूछा कि प्रदेश में मादा गौवंशीय पशुओं की संख्या कितनी है और 53 लाख मादा गौवंश के लिए गर्भाधान, पशु प्रजनन नीति और टीकाकरण की क्या व्यवस्था की जा रही है। इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि कृत्रिम गर्भाधान के लिए पूरे प्रदेश में उपकेंद्र और पशु औषधालय संचालित हैं। बेहतर नस्ल विकसित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं ताकि दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जा सके और इसे राष्ट्रीय औसत के बराबर लाया जा सके।
अजय चंद्राकर ने यह भी पूछा कि प्रदेश दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर क्यों नहीं है और 1585 संस्थाएं सरकारी हैं या गैर सरकारी। साथ ही उन्होंने 412 नए केंद्र खोलने की समयसीमा के बारे में भी जानकारी मांगी। इस पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि बछिया उत्पादन बढ़ाने के लिए सेक्स सॉर्टेड सीमेन का उपयोग किया जा रहा है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत काम किया जा रहा है और इसमें निजी क्षेत्र का सहयोग भी लिया जा रहा है।
अजय चंद्राकर ने एक साल में पशुओं के गर्भाधान के लक्ष्य और अब तक किए गए गर्भाधान की संख्या भी पूछी। इस पर मंत्री ने कहा कि इसकी विस्तृत जानकारी अलग से उपलब्ध कराई जाएगी।
चिराग परियोजना को लेकर अजय चंद्राकर ने पूछा कि 183 करोड़ रुपये की यह परियोजना समय से पहले क्यों बंद हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इस पर मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि परियोजना की प्रगति अपेक्षित नहीं होने के कारण भारत सरकार ने समीक्षा के बाद नोटिस जारी कर इसे बंद कर दिया।
अजय चंद्राकर ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। इस पर मंत्री ने कहा कि मामले का परीक्षण कराया जाएगा और जवाबदेही तय कर आवश्यक अनुशंसा भेजी जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने पूछा कि 53 लाख मादा गौवंश की संख्या में गांवों की बछिया भी शामिल हैं या नहीं और उनके लिए क्या योजना है। वहीं भूपेश बघेल ने पूछा कि चिराग परियोजना की राशि किस तारीख को समर्पित की गई और वर्ष 2024-25 में सरकार ने इस दिशा में क्या कार्य किया।
मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब में बताया कि परियोजना की कुल राशि का केवल एक प्रतिशत ही उपयोग हो सका। 18 मार्च 2025 को राज्य शासन को इसकी सूचना दी गई थी और आगे की कार्रवाई के लिए प्रयास जारी हैं।



