दिल्ली को पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 2,800 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात, इस वर्ष चरणबद्ध तरीके से होगी शामिल

नई दिल्ली। देश में इलेक्ट्रिक बसों का सबसे बड़ा बेड़ा रखने वाली राजधानी दिल्ली को केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 2,800 नई इलेक्ट्रिक बसें मिलने जा रही हैं। ये बसें वर्ष 2026 के दौरान विभिन्न चरणों में सार्वजनिक परिवहन बेड़े में शामिल की जाएंगी और शहर के विभिन्न मार्गों पर संचालित होंगी।
इन बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली में कुल बसों की संख्या बढ़कर लगभग 9,000 हो जाएगी, जिससे सेवाओं का विस्तार होगा और यात्रियों का प्रतीक्षा समय कम होगा। हाल ही में दिल्ली सरकार ने 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल किया है, जिसके बाद राजधानी में कुल बसों की संख्या 6,100 हो गई है, जिनमें से 4,338 इलेक्ट्रिक हैं।
परिवहन विभाग के अनुसार, 2,800 बसों में से 1,380 दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) को तथा 1,420 दिल्ली परिवहन विभाग को दी जाएंगी। बसों को मार्ग की आवश्यकता के अनुसार डिजाइन किया गया है। 12 मीटर लंबी बसें मुख्य एवं व्यस्त मार्गों पर चलाई जाएंगी, जबकि 9 मीटर और 7 मीटर लंबी बसें संकरी एवं आंतरिक सड़कों पर संचालित होंगी।
विभाग ने 3,330 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों की मांग केंद्र सरकार को भेजी है, जिनके अगले वर्ष तक मिलने की उम्मीद है। इस प्रकार अगले दो वर्षों में दिल्ली को कुल 6,130 नई इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त हो सकती हैं। दिल्ली सरकार ने वर्ष 2029 तक इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 12,000 तक पहुंचाने और पूरे बस बेड़े को पूर्णतः इलेक्ट्रिक में बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
फिलहाल दिल्ली में लगभग 6,100 बसें हैं, जिनमें से प्रतिदिन करीब 5,800 बसें सड़कों पर उपलब्ध रहती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सुचारू सेवा के लिए राजधानी को लगभग 11,000 बसों की आवश्यकता है। वर्तमान में बस स्टॉप पर यात्रियों को औसतन 30 मिनट तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है। परिवहन विभाग का लक्ष्य बसों की संख्या बढ़ाकर इस प्रतीक्षा समय को 10 मिनट से भी कम करने का है।



