ओला इलेक्ट्रिक पर उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा, RC और सब्सिडी को लेकर लगाए गंभीर आरोप

रायपुर। छत्तीसगढ़ में ओला इलेक्ट्रिक वाहनों की सर्विस, रजिस्ट्रेशन और सब्सिडी को लेकर उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के उपभोक्ताओं का आरोप है कि वाहनों की RC नहीं मिलने से चालान कट रहे हैं, जबकि करीब एक साल से सब्सिडी का भुगतान भी अटका हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर सत्यमेव जयते फाउंडेशन के प्रदेश संयोजक कन्हैया अग्रवाल के नेतृत्व में उपभोक्ताओं ने ओला शोरूम पहुंचकर विरोध जताया।
कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि जब तक उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक छत्तीसगढ़ में ओला इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री पर रोक लगाई जानी चाहिए। उनका कहना है कि देश के दूसरे राज्यों में भी कंपनी की सर्विस और ग्राहकों से जुड़ी शिकायतों को लेकर कार्रवाई हुई है, इसलिए छत्तीसगढ़ में भी प्रशासन और परिवहन विभाग को मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।
RC नहीं मिलने से चालान, सब्सिडी को लेकर अलग जवाब
उपभोक्ताओं की शिकायतों में सबसे बड़ी समस्या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और सब्सिडी से जुड़ी बताई गई है। उनका कहना है कि वाहन खरीदने के बाद RC जारी नहीं होने के कारण सड़क पर चलने के दौरान चालान की परेशानी सामने आ रही है।
वहीं, शोरूम स्तर पर सब्सिडी नहीं मिलने के लिए RC जमा नहीं होने को वजह बताया जा रहा है। दूसरी ओर, संगठन के मुताबिक जिला परिवहन अधिकारी (RTO) ने स्पष्ट किया है कि सब्सिडी की प्रक्रिया में RC जमा करना अनिवार्य नहीं है। इसी वजह से उपभोक्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
फाउंडेशन का दावा है कि कई उपभोक्ताओं की सब्सिडी एक साल से ज्यादा समय से लंबित है। उनका कहना है कि वाहन खरीदने के बाद ग्राहकों को सर्विस से लेकर दस्तावेज और सब्सिडी तक कई स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरे राज्यों में भी कंपनी की सेवाओं को लेकर शिकायतें

कन्हैया अग्रवाल ने दावा किया कि ओला इलेक्ट्रिक की सेवाओं को लेकर दूसरे राज्यों में भी उपभोक्ताओं ने शिकायतें की हैं। उनके मुताबिक, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) की जांच के दौरान उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन, भ्रामक विज्ञापनों और सर्विस में देरी से जुड़े मुद्दे सामने आए थे। संगठन का कहना है कि कंपनी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
उन्होंने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) पर ओला के खिलाफ 10 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज होने का भी दावा किया।
महाराष्ट्र में सर्विस और वारंटी को लेकर शिकायतें
फाउंडेशन के मुताबिक महाराष्ट्र में मुंबई, पुणे समेत कई शहरों में ओला के सर्विस सेंटरों पर वारंटी और रिपेयरिंग में देरी को लेकर ग्राहकों ने शिकायतें की हैं। संगठन का दावा है कि राज्य में उपभोक्ता आयोग के स्तर पर भी कंपनी से जुड़े कई मामले लंबित हैं और इस वजह से नोटिस जारी किए गए हैं।
कर्नाटक में RC और डिलीवरी को लेकर मामले
संगठन ने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां डिलीवरी में देरी, RC जारी नहीं करने और बिना लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के वाहन सौंपे जाने से जुड़े मामलों में कंपनी के खिलाफ कार्रवाई हुई है। फाउंडेशन के मुताबिक कुछ मामलों में जुर्माने और उपभोक्ताओं को क्षतिपूर्ति देने के आदेश भी दिए गए हैं।
चेन्नई और कोयंबटूर में ग्राहकों का विरोध
कन्हैया अग्रवाल के मुताबिक तमिलनाडु के चेन्नई और कोयंबटूर में भी ओला के सर्विस सेंटरों के बाहर ग्राहकों ने विरोध किया। इसके बाद स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से सर्विस सेंटरों का निरीक्षण कर व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई।
छत्तीसगढ़ सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
सत्यमेव जयते फाउंडेशन ने छत्तीसगढ़ शासन और परिवहन विभाग से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। संगठन चाहता है कि लंबित सब्सिडी का भुगतान कराया जाए और सर्विस नेटवर्क तथा रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था में सुधार होने तक नए ओला वाहनों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाई जाए।
फाउंडेशन ने बताया कि इस मांग को लेकर जल्द ही परिवहन आयुक्त और परिवहन मंत्री से मुलाकात की जाएगी। संगठन का कहना है कि जब तक मौजूदा ग्राहकों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, नए उपभोक्ताओं को भी परेशानी से बचाने के लिए व्यवस्था पर रोक लगाना जरूरी है।
विरोध में सैफ रशीद, शरद गुप्ता, विज्जु खेमानी, मलिक खान, राजेश त्रिवेदी, अजहरुद्दीन, राज और धनेश साहू समेत अन्य लोग शामिल रहे।



