शीतकालीन सत्र से पहले कांग्रेस की बैठक, अजय चंद्राकर ने साधा निशाना

रायपुर। विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से शुरू होने वाला है। सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति तय करने के लिए आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की गई। इसी बीच भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे चाहे जितनी रणनीति बना लें, उनके तथ्यों और तर्कों में दम नहीं होता और वे जल्द ही वापस लौट आते हैं।
ममता बनर्जी और अमित शाह के बीच तीखी बयानबाजी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। कृष्णानगर की रैली में उन्होंने आरोप लगाया कि शाह की आंखों में भय झलकता है और उनके अंदर वे दुर्योधन और दुशासन जैसे चरित्र देखती हैं। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के फैसले का विरोध भी किया।
ममता ने कहा कि भाजपा मतदाता सूची से नाम हटाने की बात कर रही है, जबकि ऐसा करने का अधिकार उसके पास नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बंगाल के लोग भाजपा पर भरोसा नहीं करते और उन्हें आग से खेलने से बचना चाहिए।
चंद्राकर का पलटवार
ममता के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि ममता बनर्जी बंगाल के लिए ताड़का और सुरसा की तरह हैं और उनका राजनीतिक अंत निश्चित है। उन्होंने कहा कि ममता देश को अपनी धमकियों से नहीं चला सकतीं और वे केवल कांग्रेस को ही डरा सकती हैं, भाजपा को नहीं।
चंद्राकर ने यह भी कहा कि ममता को आत्ममंथन करना चाहिए कि उन्होंने बंगाल के लिए अब तक क्या किया है।
14 मंत्रियों के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना
हरियाणा में 14 मंत्रियों की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस की याचिका पर भी चंद्राकर ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब भाजपा सरकार में थी, तब कांग्रेस संसदीय सचिवों के मुद्दे पर कोर्ट गई थी और अब स्वयं सरकार में आकर वही पद बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस गंभीर मुद्दों पर नहीं, बल्कि सुर्खियों में रहने के लिए कोर्ट जाती है।
मजाकिया अंदाज में चंद्राकर ने कहा कि जैसे मच्छर या मक्खी काटने पर खुजली होती है, वैसे ही कांग्रेस को जब राजनीतिक खुजली होती है तो वह कोर्ट चली जाती है और मानो वहां चाय पीकर लौट आती है।



