किसानों के मुद्दे पर आर-पार के मूड में कांग्रेस: 9 अप्रैल को प्रदेशव्यापी आंदोलन, बारदाने की कमी पर सरकार को घेरा

भोपाल। मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने किसानों की मांगों को लेकर 9 अप्रैल को प्रदेशभर के कलेक्टर कार्यालयों का घेराव करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर भी आंदोलन की बात कही गई है।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया ने कहा कि पार्टी किसानों, आदिवासियों और आमजन की आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आम लोगों को रोटी और रोजी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में कांग्रेस उनके अधिकारों के लिए आंदोलन करेगी। उन्होंने बताया कि 9 अप्रैल से शुरू होने वाला प्रदर्शन गांव, मोहल्लों और चौपाल तक पहुंचेगा और किसानों की लड़ाई जारी रहेगी।
वहीं भाजपा नेता रजनीश अग्रवाल ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ संवेदनशीलता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बारदाने की कमी की समस्या का समाधान भी किया गया है।
अग्रवाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट गांठों का अतिरिक्त आवंटन दिया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए एचडीपी और पीपी बैग के उपयोग की अनुमति भी दी गई है।
दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच किसानों के मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में इसको लेकर आंदोलन और तेज होने के संकेत हैं।



