कलेक्टर का औचक निरीक्षण: गौशाला में मिली गंभीर खामियां, पशु चिकित्सा अधिकारियों को नोटिस जारी

खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के धरमपुरी क्षेत्र स्थित नंद मोहन समिति गौशाला में गायों की मौत का मामला सामने आया है। गौशाला के पास छह गायों के शव और छह कंकाल मिले हैं। पिछले एक महीने से लगातार गायों की मौत हो रही है, और शवों को दफनाने के बजाय वन विभाग की जमीन पर खुले में फेंक दिया गया है।
गौशाला में हो रही गायों की मौत की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। कलेक्टर ऋषव गुप्ता, एसडीएम ऋषि कुमार सिंघई और पशु चिकित्सा विभाग के उप-संचालक हेमंत शाह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
अव्यवस्थाओं का खुलासा
गुरुवार को कलेक्टर ने गौशाला का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आईं। फर्श टूटा हुआ था, पानी की टंकी में लीकेज पाया गया और चरनोई भूमि पर गेहूं की फसल खड़ी थी, जबकि गायों के लिए चारा उपलब्ध नहीं था। कलेक्टर ने संबंधित इंजीनियरों और पशु चिकित्सा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
गौशाला संचालक का बचाव
कलेक्टर ने गायों की मौत पर गौशाला समिति के संचालकों से सवाल किया, तो नंद मोहन गौशाला के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के सदस्य आशीष बरोले ने कहा कि आसपास के गांवों के लोग मरे हुए गौवंश यहां छोड़ जाते हैं, और समिति कुछ नहीं कर सकती। हालांकि, ग्रामीणों ने इन आरोपों को गलत बताते हुए इसका विरोध किया।
जांच जारी है
कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि गौशाला रोड से करीब 4 किमी दूर स्थित है। कुछ दिन पहले यहां गायों के शव खुले में पाए गए थे। निरीक्षण के बाद संचालकों और सरपंच को बेहतर प्रबंधन की हिदायत दी गई है, और हर महीने गौशाला का निरीक्षण करने वाले डॉक्टर को भी नोटिस जारी किया गया है।
पशु चिकित्सा विभाग के उप-संचालक हेमंत शाह ने कहा कि गायों की मौत एक दिन में नहीं, बल्कि 15 दिनों के दौरान हुई है। मौके पर एक गाय के शव और कुछ कंकाल मिले थे, जिन्हें उचित तरीके से नष्ट किया गया है। पूरी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है, और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



