नई औद्योगिक नीति के बाद छत्तीसगढ़ को 7.83 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 1.5 लाख रोजगार की उम्मीद

रायपुर। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने संवाद कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियां प्रस्तुत कीं। उन्होंने बताया कि 13 दिसंबर को सरकार के दो वर्ष पूरे हुए हैं और 1 नवंबर 2024 से लागू नई औद्योगिक नीति के बाद राज्य तेजी से निवेश आकर्षित कर रहा है तथा उन्हें धरातल पर उतारने का काम भी किया जा रहा है।
मंत्री ने जानकारी दी कि नवंबर 2024 से अब तक 18 क्षेत्रों में कुल 7.83 लाख करोड़ रुपये के 219 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 1.5 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है। ये निवेश सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सीमेंट, बिजली और मैन्युफैक्चरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जो छत्तीसगढ़ पहले लौह और इस्पात के लिए जाना जाता था, वह अब सेमीकंडक्टर, एआई डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन रहा है। कंपनियां शीघ्र ही काम शुरू करना चाहती हैं और राज्य सरकार व्यापार को आसान बनाने तथा हर स्तर पर सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
निवेश अब रायपुर तक सीमित नहीं
मंत्री ने बताया कि निवेश केवल राजधानी रायपुर तक सीमित नहीं है। कुल प्रस्तावों में से 21 प्रतिशत आदिवासी बहुल बस्तर संभाग, 33 प्रतिशत रायपुर संभाग और 46 प्रतिशत बिलासपुर, दुर्ग एवं सरगुजा संभागों में हैं। लगभग 50 प्रतिशत निवेश थ्रस्ट क्षेत्रों जैसे सेमीकंडक्टर और एआई डेटा सेंटर में प्रस्तावित है। इनमें 57 परियोजनाएं 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की हैं, जबकि 34 परियोजनाओं से एक हजार से अधिक रोजगार मिलने की संभावना है।
6,063 करोड़ की 9 बड़ी परियोजनाएं शुरू
मंत्री देवांगन ने बताया कि 6,063 करोड़ रुपये की 9 बड़ी परियोजनाएं चालू हो चुकी हैं, जिनमें उत्पादन शुरू हो गया है और 5,500 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इसके अलावा 109 परियोजनाएं उन्नत चरण में हैं, जो निर्माणाधीन हैं या भूमि आबंटन के बाद आगे बढ़ चुकी हैं। ये परियोजनाएं राज्य के 24 जिलों और 16 क्षेत्रों में फैली हुई हैं, जिनसे भविष्य में 87,132 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इनमें से 58 प्रतिशत परियोजनाएं आतिथ्य एवं स्वास्थ्य, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल तथा फार्मा जैसे प्राथमिक क्षेत्रों से जुड़ी हैं।



