गरियाबंद: ओडिशा सीमा पर पहाड़ी क्षेत्रों से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद, माओवादियों के मंसूबों पर पुलिस ने फेरा पानी

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस ने नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिला पुलिस बल की ई-30 ऑप्स टीम ने मैनपुर क्षेत्र के अंतर्गत ओडिशा सीमा से लगे भालूडिग्गी और मेटाल की पहाड़ियों से माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और गोला-बारूद का भारी जखीरा बरामद किया है।
यह कार्रवाई जनवरी 2026 में आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व माओवादियों से मिली सूचना के आधार पर की गई। पूछताछ में पता चला था कि प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) की ओडिशा राज्य कमेटी के शीर्ष नेताओं ने सीमावर्ती पहाड़ी इलाकों में ऑटोमेटिक हथियार, विस्फोटक और वेपन वर्कशॉप के उपकरण डम्प किए हैं। इस जानकारी पर 6 फरवरी 2026 को टीम रवाना की गई और 36 घंटे के सघन सर्च ऑपरेशन के बाद 6 अलग-अलग स्थानों से सामग्री बरामद की गई।
बरामद हथियारों में 2 इंसास राइफल, एक .303 राइफल, दो 12 बोर हथियार, एक देशी कट्टा, एक देशी बीजीएल लॉन्चर और दो सिंगल शॉट हथियार शामिल हैं। इसके साथ ही 127 जिंदा कारतूस, 8 मैगजीन, 22 बीजीएल सेल, भारी मात्रा में इलेक्ट्रिक वायर और हथियार बनाने व मरम्मत में इस्तेमाल होने वाले तकनीकी उपकरण भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार यह टेक्निकल वर्कशॉप टीम मारे गए केंद्रीय कमेटी सदस्यों की निगरानी में काम करती थी और आईईडी निर्माण व हथियारों की मरम्मत में माहिर थी।
गरियाबंद पुलिस द्वारा पिछले डेढ़ वर्षों से चलाए जा रहे ऑपरेशन विराट के तहत अब तक इस डिवीजन के अधिकांश सक्रिय माओवादियों को आत्मसमर्पण के माध्यम से मुख्यधारा में लाया जा चुका है। पुलिस का मानना है कि इस ताजा बरामदगी के बाद क्षेत्र में नक्सली हिंसा की संभावना लगभग समाप्त हो गई है। वर्ष 2025-26 के दौरान पुलिस ने अब तक कुल 57 हथियार, 300 कारतूस और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त करने में कामयाबी हासिल की है।



