छत्तीसगढ़ विधानसभा में गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का बजट पारित

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के बजट पर चर्चा का उत्तर देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनते ही लंबित आवासों के निर्माण को प्राथमिकता दी गई। एसईसीसी 2011 एवं आवास प्लस-2018 की सूची के सभी पात्र हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के 33,255 परिवारों को आवास स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 19,199 आवास पूर्ण हो चुके हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में 38 हजार से अधिक परिवारों को स्वीकृति दी गई है।
ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत 774 सड़कों के माध्यम से 781 बसाहटों को लाभान्वित किया जाएगा। इसके लिए बजट में 2,237 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, स्वच्छ भारत मिशन के लिए 350 करोड़ रुपये और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 850 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
पुलिस विभाग का आधुनिकीकरण
गृह विभाग के बजट में 7,721 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पुलिस बल को आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं:
- साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पांच नए साइबर थानों का गठन किया जाएगा।
- रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली के सुचारू संचालन और रायपुर ग्रामीण पुलिस जिले के लिए नवीन पदों का सृजन किया गया है।
- नक्सल प्रभावित जिलों में 15 नए पुलिस थानों की स्थापना और 8 चौकियों को थानों में उन्नत किया जाएगा।
- बस्तर फाइटर बल में 1,500 नवीन पदों की वृद्धि की गई है।
- आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस), राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप का गठन किया गया है।
जेलों का उन्नयन
जेल विभाग के अंतर्गत प्रदेश की 16 जेलों में प्रिजन कॉलिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा, जिससे बंदी अपने परिजनों से वीडियो कॉल के माध्यम से बात कर सकेंगे। साथ ही, बंदियों के पुनर्वास के लिए निश्चय कार्यक्रम के तहत कौशल विकास और ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जेलों की क्षमता बढ़ाने के लिए 31 नई बैरकों के निर्माण हेतु 31 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी
विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके तहत शोधार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रयोगशालाओं का अवलोकन कराया जाएगा। सूरजपुर जिले में एस्ट्रो साइंस सेंटर की स्थापना की जाएगी। साथ ही, सरगुजा और बस्तर संभागों में चलित मोबाइल साइंस लैब के लिए 3.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रायोगिक सुविधाएं मिल सकें। बजट पर हुई चर्चा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित अनेक विधायकों ने भाग लिया।



