छत्तीसगढ़ विधानसभा: बजट कार्यों की स्वीकृति पर तकरार, विपक्ष ने सदन से दो बार किया वॉकआउट

बिलासपुर, 27 फरवरी 2026। विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने दो बार सदन से वॉकआउट किया। सड़क निर्माण और बजट से जुड़े कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति के मुद्दे पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर निकलने का फैसला किया।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक संगीता सिन्हा ने संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के बजट में शामिल कार्यों का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि 3 फरवरी 2026 तक किन-किन कार्यों के लिए कितनी राशि की वित्तीय स्वीकृति दी गई है और कितने कार्य वित्तीय स्वीकृति के लिए वित्त विभाग में लंबित हैं। साथ ही यह भी जानना चाहा कि ये प्रस्ताव कब से लंबित हैं और इन्हें कब तक स्वीकृति दी जाएगी।
इस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि संबंधित वित्तीय वर्षों के बजट में शामिल कार्यों की स्वीकृत राशि की जानकारी संलग्न प्रपत्र के अनुसार है। उन्होंने कहा कि नए कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के लिए पहले विभागों को वित्त निर्देश 25/2012 दिनांक 1 मई 2012 के तहत 3 करोड़ रुपये तक की स्वीकृति का अधिकार था, जिसे स्थायी वित्त निर्देश 15/2025 दिनांक 14 मई 2025 के तहत बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है, ताकि कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश संबंधित विभागों द्वारा जारी किए जाते हैं।
वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि 3 फरवरी 2026 की स्थिति में संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्र से संबंधित कोई भी प्रस्ताव प्रशासकीय स्वीकृति के लिए वित्त विभाग में लंबित नहीं है।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वीकृति की घोषणा का मुद्दा उठाया। इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि यह विभागीय प्रक्रिया है और सदन में इसकी घोषणा करना उचित नहीं है। इसके बाद भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष का काम नहीं करना चाहती। इस पर विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।



