Chhattisgarh Assembly Building : संस्कृति, परंपरा और आधुनिकता का संगम – नया छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन

रायपुर। आज का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश की आत्मा और पहचान को दर्शाने वाले नए छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन (Chhattisgarh Assembly Building) का लोकार्पण किया। यह केवल एक प्रशासनिक संरचना नहीं, बल्कि प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और आस्था का सजीव प्रतीक है। ‘धान का कटोरा’ कहलाने वाले इस राज्य की आत्मा को भवन की हर ईंट में उकेरा गया है।
धान की बालियों से सजा सदन, परंपरा की झलक हर कोने में
भवन की वास्तुकला में ग्रामीण संस्कृति का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है। सदन की छत (Ceiling) पर धान की बालियां और पत्तियां (Rice Symbol Design) खूबसूरती से उकेरी गई हैं, जो राज्य की कृषि-प्रधान पहचान का संदेश देती हैं। वहीं, बस्तर के पारंपरिक काष्ठ शिल्पियों (Bastar Wood Artisans) द्वारा बनाए गए दरवाजे और फर्नीचर इस भवन को स्थानीय कला की आत्मा से जोड़ते हैं। यह भवन न केवल शासन का केंद्र है, बल्कि छत्तीसगढ़ की विरासत का प्रतिबिंब भी है।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार ‘Smart Assembly’
नया विधानसभा भवन पूरी तरह Smart Assembly Building की अवधारणा पर आधारित है। इसे वर्तमान ही नहीं, बल्कि आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यहां डिजिटल और पेपरलेस संचालन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे यह प्रदेश का पहला paperless assembly बनेगा। सदन को भविष्य में 200 सदस्यों की क्षमता तक बढ़ाया जा सकता है।
51 एकड़ में फैला परिसर, 324 करोड़ की लागत में तैयार
नवा रायपुर के हृदय स्थल पर फैला यह भवन कुल 51 एकड़ भूमि पर निर्मित है। लगभग 324 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परिसर को तीन मुख्य विंग — विंग A, विंग B और विंग C — में विभाजित किया गया है। इनमें क्रमशः सचिवालय, सदन, मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय, और मंत्रियों के कक्ष शामिल हैं। यह विभाजन कार्यकुशलता के साथ प्रशासनिक स्पष्टता भी प्रदान करता है।
हरित निर्माण तकनीक से बना पर्यावरण अनुकूल भवन
नया विधानसभा भवन Green Building Technology से निर्मित किया गया है। परिसर में स्थापित सोलर पैनल ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करते हैं, जबकि वर्षा जल संचयन के लिए दो विशाल सरोवर बनाए गए हैं। यह प्रयास भवन को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार और ऊर्जा-सक्षम बनाता है।
500 सीटर ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल की भव्यता
विधानसभा परिसर में एक अत्याधुनिक 500 Seater Auditorium और 100 सीटर सेंट्रल हॉल बनाया गया है। इन दोनों स्थलों की वास्तुकला आधुनिकता और पारंपरिक भारतीय शैली के संगम को दर्शाती है। यहां प्रदेश की बड़ी बैठकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और औपचारिक आयोजनों का आयोजन किया जाएगा।
तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक भवन
यह भवन केवल पत्थर और कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की people’s aspiration का प्रतीक है। तीन करोड़ जनता की उम्मीदें और गर्व इस भवन की दीवारों में बसता है। यह प्रदेश की लोकतांत्रिक भावना, आत्मगौरव और प्रगति की दिशा में एक सशक्त कदम है।



