छत्तीसगढ़: 52 माओवादी कैडरों का सामूहिक आत्मसमर्पण, कुल 1.41 करोड़ के इनामी नक्सली मुख्यधारा में लौटे

रायपुर, 15 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। पूना मारगेम और पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान के तहत साउथ सब ज़ोनल ब्यूरो से जुड़े 52 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। इन आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर कुल 1.41 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस सामूहिक आत्मसमर्पण का स्वागत करते हुए इसे शांति, विकास और विश्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 48 घंटों में कुल 81 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि माओवादी हिंसा और उसकी विचारधारा अब तेजी से कमजोर हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर अंचल में न केवल माओवादियों की विकृत सोच, बल्कि उनका पूरा समर्थन तंत्र भी लगभग समाप्त हो चुका है। लगातार हो रहे आत्मसमर्पण यह दर्शाते हैं कि राज्य सरकार की नीतियों पर स्थानीय लोगों का भरोसा बढ़ा है तथा प्रभावित क्षेत्रों में विकास की रोशनी अब पहुंच रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की दृढ़ नीति, संवेदनशील दृष्टिकोण और विकास-आधारित रणनीति के कारण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति तेजी से बदल रही है। “पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के माध्यम से आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सम्मानजनक जीवन, रोजगार, शिक्षा तथा सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस सफलता को माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन का प्रत्यक्ष परिणाम बताया। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल-मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल सुरक्षा कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास तथा उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार हरसंभव सहयोग जारी रखेगी।



