चैत्र नवरात्र 19 मार्च से: सुख-समृद्धि और बाधाओं से मुक्ति के लिए करें ये अचूक उपाय

रायपुर। इस वर्ष चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च, गुरुवार से होगी। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्र का पर्व आरंभ होता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। भक्त इन दिनों विशेष उपाय कर माता को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं।
नवरात्र में लौंग के उपाय को शुभ माना जाता है। मान्यता है कि अपनी उम्र के बराबर लौंग लेकर काले धागे में माला बनाकर देवी को अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मनोकामना पूर्ण होने पर इस माला को जल में प्रवाहित कर दिया जाता है। इसके अलावा चांदी की लौंग की एक जोड़ी अर्पित कर उसे लाल कपड़े में बांधकर पूजा स्थान या मुख्य द्वार पर रखने की भी परंपरा है।
सुपारी का उपाय भी नवरात्र में महत्वपूर्ण माना गया है। एक साबुत सुपारी पर सिंदूर लगाकर उसे पीले कपड़े में बांधकर माता दुर्गा को अर्पित करने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर होने की मान्यता है। नवरात्र समाप्त होने के बाद इस सुपारी को शयन कक्ष में रखा जाता है।
हल्दी का प्रयोग भी विशेष फलदायी माना जाता है। नवरात्र में किसी भी दिन दो गांठ हल्दी माता को अर्पित कर श्रीसूक्त का पाठ किया जाता है। इसके बाद हल्दी को लाल कपड़े में बांधकर धन स्थान या तिजोरी में रखने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे आर्थिक समस्याओं में राहत मिलती है।
पान के पत्तों का उपाय भी किया जाता है। नवरात्र में 27 साबुत पान के पत्तों की माला बनाकर देवी को अर्पित करने से रोजगार संबंधी परेशानियां दूर होने की मान्यता है। कार्य सिद्ध होने पर इस माला को जल में प्रवाहित किया जाता है।
नारियल को समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र में पानी वाला नारियल लेकर देवी के सामने बैठकर मंत्र जप करने से ग्रह दोषों से राहत मिलने की मान्यता है। पूजा में नारियल का विशेष महत्व होता है और इसे श्रीफल के रूप में अर्पित किया जाता है।



