CGPSC घोटाला: CBI की अंतिम चार्जशीट दाखिल, निर्दोष चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) राज्य सेवा परीक्षा-2021 भर्ती घोटाले में CBI ने 31 दिसंबर 2025 को अंतिम चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच में तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव एवं परीक्षा नियंत्रक सहित 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जबकि शेष चयनित अभ्यर्थियों के विरुद्ध आरोप निराधार पाए गए। इससे निर्दोष अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
परीक्षा की अधिसूचना 26 नवंबर 2021 को जारी हुई थी, जिसमें 20 सेवाओं के 171 पदों पर भर्ती प्रस्तावित थी। प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा 2022 में हुई तथा चयन सूची 11 मई 2023 को जारी की गई। परिणाम के बाद अनियमितता के आरोप लगे, जिस पर जनहित याचिका दायर हुई तथा 18 अभ्यर्थियों पर संदेह जताया गया। राज्य सरकार ने 16 फरवरी 2024 को 2020 से 2022 की सभी CGPSC परीक्षाओं की जांच CBI को सौंपी।
CBI जांच में बारनवापारा रिसॉर्ट से बरामद 29 अभ्यर्थियों की सूची को गवाह बनाया गया। इनमें से किसी का चयन नहीं हुआ था। जांच लंबित रहने से कई चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति रोकी गई। प्रभावित अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर कीं।
WPS 2311/2024 में एकलपीठ ने नियुक्ति रोकने को मनमानी करार देते हुए जांच परिणाम के अधीन नियुक्ति के निर्देश दिए। राज्य सरकार की अपील (Writ Appeal 730/2025) को युगलपीठ ने खारिज कर एकलपीठ के फैसले की पुष्टि की तथा निर्दोष अभ्यर्थियों को सामूहिक दंड न देने का आदेश दिया।
अब CBI की अंतिम चार्जशीट से नियुक्ति रोकने का आधार समाप्त हो गया है। पालकों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार से बच्चों की मेहनत को देखते हुए बिना भेदभाव के याचिकाकर्ताओं को जांच परिणाम के अधीन नियुक्ति आदेश जारी करने का आग्रह किया है।
विलंब होने पर इसे न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना माना जाएगा।



