दुनिया में मंदी की आहट, लेकिन भारत में टैक्स की सुनामी! मार्च 2026 में GST ने तोड़े रिकॉर्ड, वित्त वर्ष में कुल ₹22 लाख करोड़ का हुआ कलेक्शन

नई दिल्ली। वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। मार्च 2026 में देश का जीएसटी कलेक्शन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया और सरकार ने कुल 2,00,344 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया। यह आंकड़ा मार्च 2025 के 1.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
वित्त वर्ष 2025-26 में कुल जीएसटी कलेक्शन 22 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट जीएसटी कलेक्शन 7.1 प्रतिशत बढ़कर 19.34 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 20.25 लाख करोड़ रुपये और नेट कलेक्शन 18.07 लाख करोड़ रुपये था।
ताजा आंकड़ों के अनुसार मार्च 2026 में जीएसटी वृद्धि में आयात का बड़ा योगदान रहा। आयात से प्राप्त राजस्व 17.8 प्रतिशत बढ़कर 53,861 करोड़ रुपये हो गया, जबकि घरेलू स्तर पर 5.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ।
सरकार द्वारा सितंबर 2025 में जीएसटी दरों में किए गए बदलावों का असर भी अब देखने को मिल रहा है। करीब 375 वस्तुओं पर टैक्स कम किया गया और कर संरचना को सरल बनाते हुए मुख्य रूप से 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के स्लैब में सीमित किया गया। शुरुआती महीनों में राजस्व में गिरावट आई थी, लेकिन उसके बाद लगातार सुधार दर्ज किया गया।
राज्यों में महाराष्ट्र जीएसटी कलेक्शन में सबसे आगे रहा, जहां से लगभग 0.13 लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिला। इसके अलावा कर्नाटक और गुजरात से भी बेहतर कलेक्शन दर्ज किया गया। आंध्र प्रदेश में नेट जीएसटी कलेक्शन में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि हरियाणा, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश में वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी रही।
गौरतलब है कि अब तक का सबसे अधिक जीएसटी कलेक्शन अप्रैल 2025 में दर्ज किया गया था, जब सरकार ने 2.37 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे।
रिफंड के मोर्चे पर भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मार्च 2026 में कुल रिफंड 13.8 प्रतिशत बढ़कर 0.22 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो मार्च 2025 में 0.19 लाख करोड़ रुपये था।
मार्च 2026 में ग्रॉस घरेलू राजस्व 1.46 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि आयात से मिलने वाला राजस्व 0.54 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं नेट सेस रेवेन्यू घटकर माइनस 177 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 12,043 करोड़ रुपये था।



