Madhya Pradesh

MP : जापान के सहयोग से मध्यप्रदेश को बनाएंगे आइडियल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चार दिवसीय जापान यात्रा (28-31 जनवरी) पूरी कर शनिवार (1 फरवरी) की शाम स्वदेश लौट आए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि यात्रा में उन्होंने जापानी निवेशकों और उद्योगपतियों को भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापानी कंपनियों ने मध्यप्रदेश में निवेश करने की गहरी रुचि दिखाई है और कई प्रमुख कंपनियां आगामी समिट में हिस्सा लेंगी। उन्होंने जापान के विभिन्न उद्योगपतियों, निवेशकों के साथ बिजनेस टू बिजनेस (बी-टू-बी) और जापान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट (जी-टू-जी) मुलाकात की और प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से बात की।

जापान-मध्यप्रदेश औद्योगिक सहयोग फोरम की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली, जिससे प्रदेश में जल्द ही जापानी इंडस्ट्रियल पार्क, कौशल विकास केंद्र और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए जापान प्लस सेल की भी स्थापना की जाएगी, जो जापानी निवेशकों के साथ निरंतर संपर्क और फॉलोअप करेगी। मुख्यमंत्री ने जापान के उद्योगपतियों और निवेशकों को फरवरी में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2025) में आमंत्रित किया, जिससे निवेश के नए अवसर खुलेंगे।

जापान होगा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का कंट्री पार्टनर

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार जापान, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में कंट्री पार्टनर के रूप में शामिल होगा। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। डॉ. यादव ने बताया कि जापानी कंपनियों ने मध्यप्रदेश में मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल्स, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल (रेडिमेड गारमेन्ट्स) सेक्टर में निवेश करने की इच्छा जताई है। जापानी कंपनियों का निवेश मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होगा। जापानी कंपनियों के सहयोग से हम प्रदेश को इन्वेस्टमेंट के लिए एक ‘आइडियल डेस्टिनेशन’ और ‘इंडस्ट्री फ्रेंडली स्टेट’ बनाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार उद्योगों के विकास के लिए बेहतर अधोसंरचनाएं, सरल निवेश नीतियां और निवेशकों को एक बेहद अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रही है। उन्होंने जापानी निवेशकों को विश्वास दिलाया कि वे बेहिचक यहां निवेश करें, राज्य सरकार उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। इस सफल यात्रा से जापानी कंपनियों द्वारा मध्यप्रदेश में किया जाने वाला निवेश यहां रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और औद्योगिक विकास को गति भी देगा। जापान यात्रा मध्यप्रदेश को “निवेश का हब” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 का आयोजन भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में होगा, जहां विभिन्न देशों के निवेशक और उद्योगपति भाग लेंगे। 

जापान भारत का पांचवा सबसे बड़ा निवेशक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्तमान में जापान, भारत का पांचवां सबसे बड़ा निवेशक है, जिसने पिछले दो दशकों में भारत में 38 बिलियन डॉलर से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश किया है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 20 बिलियन डॉलर का है, जो निरंतर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में पहले से ही कई प्रमुख जापानी कंपनियां सफलतापूर्वक कार्यरत हैं। ब्रिजस्टोन ने पीथमपुर में अपना विश्वस्तरीय टायर उत्पादन संयंत्र स्थापित किया है, जो रोजगार सृजन और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। पैनासोनिक जैसी दिग्गज कंपनी ने मध्यप्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। एनएसके, सानोह और कामात्सु जैसी जापानी कंपनियां भी प्रदेश में कार्यरत हैं, जो ऑटोमोटिव और मशीनरी क्षेत्र में अपना योगदान दे रही हैं। व्यापार के क्षेत्र में मध्य प्रदेश से जापान को होने वाला निर्यात निरंतर बढ़ रहा है। यह दोनों क्षेत्रों के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों का प्रमाण है।

टोक्यो की गवर्नर श्रीमती कोइके के साथ हुई ऐतिहासिक बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टोक्यो विश्व की सबसे विकसित महानगरीय अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, जिसका सकल घरेलू उत्पाद लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर है। श्रीमती युरिको कोइके के साथ हुई बैठक में शहरी विकास के नए आयामों पर चर्चा हुई। टोक्यो मेट्रोपॉलिटन गवर्नमेंट की विशेषज्ञता का लाभ मध्यप्रदेश के शहरों को मिलेगा। भोपाल और इंदौर के लिए मेट्रो रेल प्रौद्योगिकी, स्मार्ट सिटी समाधान, जल प्रबंधन और कचरा प्रबंधन में विशेष सहयोग प्राप्त होगा। टोक्यो के विकास मॉडल को मध्यप्रदेश में अपनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

जापान के विदेश मंत्रालय में उच्च-स्तरीय वार्ता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जापान के विदेश मंत्रालय में संसदीय उप-मंत्री श्री हिसाशी मात्सुमोतो के साथ बैठक महत्वपूर्ण रही। विदेश मंत्रालय जापान की विदेश नीति और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का प्रमुख स्तंभ है। बैठक में मध्यप्रदेश में जापानी निवेश को सुगम बनाने के लिए एक विशेष प्रयास करने पर सहमति बनी। व्यापार मिशन का आदान-प्रदान, कौशल विकास में जापानी विशेषज्ञों की भागीदारी, और एक जापान-मध्य प्रदेश औद्योगिक सहयोग फोरम की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।

जापान के भूमि एवं बुनियादी ढांचा मंत्रालय में रणनीतिक वार्ता

उन्होंने बताया कि भूमि एवं बुनियादी ढाँचा मंत्रालय (एमएलआईटी) जापान में बुनियादी ढांचा विकास का सर्वोच्च निकाय है। इसके मंत्री श्री यासुशी फुरुकावा के साथ बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मध्यप्रदेश में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा। स्मार्ट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम के विकास और लॉजिस्टिक्स में जापानी मॉडल को अपनाने पर सहमति बनी है। ग्रीन इन्फ्रॉस्ट्रक्चर में विशेष सहयोग से प्रदेश में सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।

जेट्रो के साथ व्यापार सुविधाओं पर चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जापान एक्सटर्नल ट्रेड आर्गनाइजेशन (जेट्रो) के अध्यक्ष श्री सुसुमु काताओका के साथ बैठक में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष फ्रेमवर्क पर सहमति बनी। जेट्रो से अनुरोध किया गया कि मध्यप्रदेश में अपना कार्यालय स्थापित करे। जिससे जापानी कंपनियों को प्रदेश में निवेश के लिए मार्गदर्शन मिलेगा।

जिका के साथ बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जापान इंटरनेशनल कोआपरेशन (जिका) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री शोहेई हारा के साथ बैठक में विकास परियोजनाओं पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। श्री हारा ने 1996-99 में भारत में अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए मध्यप्रदेश में सिल्क उत्पादन, स्वास्थ्य परियोजनाओं और बिजली पारेषण में जिका के योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बताया कि भोपाल-इंदौर-उज्जैन शहरी परिवहन, जापानी औद्योगिक पार्क, जल संरक्षण, शहरी नवीनीकरण, कौशल विकास, और कृषि तकनीक में नई परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा।

प्रमुख कॉर्पोरेट बैठकें

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यात्रा के दौरान जापान में विश्व की कई प्रमुख कंपनी से बैठक की गई इन बैठकों से मध्यप्रदेश में निवेश का एक नया दौर शुरू होगा। यह साझेदारियां न केवल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश लाएंगी, बल्कि प्रदेश में तकनीकी क्षमता, कौशल विकास और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देंगी। जापान की विश्वस्तरीय कंपनियों का यह विश्वास प्रदेश को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।

टोयोटा मोटर कॉर्पोरेशन के साथ हुई बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि टोयोटा विश्व की अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनी है। श्री तोशियुकी नकाहारा, डिपार्टमेंट जनरल मैनेजर, एडमिनिस्ट्रेशन एंड सपोर्ट विभाग के साथ विस्तृत चर्चा हुई। मध्यप्रदेश में नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक्स की उपलब्धता और इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग को लेकर विशेष रुचि दिखाई। टोयोटा के साथ ऑटोमोबाइल सप्लाई चेन को मजबूत करने और स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने पर सहमति बनी है। यह साझेदारी प्रदेश के ऑटोमोटिव सेक्टर को नई दिशा देगी।

ब्रिजस्टोन कॉर्पोरेशन के साथ विस्तार योजना:

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वैश्विक सीईओ श्री शूइची इशिबाशी के साथ बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। ब्रिजस्टोन, जो विश्व की सबसे बड़ी टायर निर्माता कंपनियों में से एक है, मध्यप्रदेश में अपनी मौजूदा इकाई का विस्तार करेगी। नई उत्पादन लाइन, आर एंड डी R&D सेंटर और कौशल विकास केंद्र की स्थापना की योजना बनी है। यह निवेश न केवल प्रत्यक्ष रोजगार सृजन करेगा बल्कि ऑटोमोटिव सेक्टर के पूरे इको-सिस्टम को मजबूत करेगा।

सिस्मेक्स के साथ महत्वपूर्ण वार्ता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जापान की प्रमुख मेडिकल टेक्नोलॉजी कंपनी सिस्मेक्स के साथ कोबे में महत्वपूर्ण बैठक हुई। सिस्मेक्स, जो एशिया-पैसिफिक में मजबूत उपस्थिति रखती है,कंपनी 1993 से भारत में कार्यरत है। मध्यप्रदेश में कंपनी पहले से ही शासकीय सिविल हॉस्पिटल्स में कार्यरत है, आने वाले समय में कंपनी मध्य प्रदेश में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग डायग्नॉस्टिक के क्षेत्र में करना चाहती है। हमने सिस्मेक्स को उज्जैन के मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश का निमंत्रण दिया।

पैनासोनिक एनर्जी के साथ भविष्य की साझेदारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पैनासोनिक एनर्जी विश्व की नामी कंपनी है, पैनासोनिक एनर्जी के कार्यकारी उपाध्यक्ष के साथ महत्वपूर्ण बैठक में भारत में कंपनी के विस्तार की योजनाओं पर गहन चर्चा हुई। पैनासोनिक के साथ हमारे संबंध केवल व्यावसायिक नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी के रूप में विकसित हुए हैं। वर्तमान निवेश परिदृश्य मध्यप्रदेश के लिए एक अभूतपूर्व अवसर प्रदान करता है, जहां हम पैनासोनिक के साथ मिलकर राज्य की आर्थिक क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। हम पैनासोनिक को एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करना चाहते हैं जो न केवल उनके वर्तमान निवेश को बढ़ावा दे, बल्कि भविष्य में नए अवसर भी सृजित करे। प्रदेश तकनीकी नवाचार, कुशल श्रमबल और उदार औद्योगिक नीतियों के साथ एक आदर्श निवेश गंतव्य है।

यूनिक्लो के साथ टेक्सटाइल क्षेत्र में सहयोग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि फास्ट रिटेलिंग के चेयरमैन श्री तदाशी यान्नी के साथ महत्वपूर्ण बैठक में कंपनी ने मध्य प्रदेश में विस्तार की गहरी रुचि दिखाई। कंपनी ने भारत में कपास की खेती से लेकर नैनो-टेक्नोलॉजी और उन्नत सामग्री का उपयोग कर तकनीकी वस्त्रों के निर्माण तक की योजना बनाई है।  हमने मध्यप्रदेश के ‘फार्म टू फॉरेन’ मॉडल, प्रमुख ब्रांड्स की उपस्थिति और मेगा टेक्सटाइल पार्क में एकीकृत मूल्य श्रृंखला का उल्लेख किया। राज्य में सबसे बड़े जैविक कपास उत्पादन, पर्याप्त औद्योगिक भूमि, जल उपलब्धता, कुशल श्रमशक्ति और अनुकूल नीतियों का आश्वासन दिया गया। कंपनी को अनुबंध खेती के लिए कृषि उत्पादक समूहों के साथ सहयोग और विशिष्ट प्रोत्साहन का प्रस्ताव दिया गया।

एबारा कॉर्पोरेशन के साथ पंप उद्योग में सहयोग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि श्री मसाहिरो सेरिकावा के साथ बैठक में कंपनी ने अपनी विशेषज्ञता साझा की, जो औद्योगिक पंप निर्माण और सेमी कंडक्टर कंपनियों को आपूर्ति में अग्रणी है। कंपनी द्वारा मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में अवसरों पर चर्चा की।

निटोरी होल्डिंग्स के साथ होम फर्निशिंग में विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अध्यक्ष श्री तोशियुकी शिराई के साथ बैठक में कंपनी ने भारत में विस्तार की योजनाओं पर चर्चा की। दिसंबर 2024 में मुंबई में पहला स्टोर खोलने वाली कंपनी ने इंदौर में विस्तार में रुचि दिखाई। हमने इस विश्व स्तरीय कंपनी को सागौन उत्पादन, कारीगरों के साथ सहयोग और स्वयं सहायता समूहों के साथ संभावित साझेदारी पर जोर दिया।

योकोगावा इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन के साथ रणनीतिक वार्ता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि श्री गो इवाता और नवीन कुमार के साथ बैठक में कंपनी ने भारत में अपने विस्तार की योजनाओं पर चर्चा की। बेंगलुरु में मुख्यालय वाली कंपनी एनटीपीसी, आईओसी रिलायंस जैसे प्रमुख ग्राहकों को कंट्रोल सिस्टम प्रदान करती है। कंपनी विस्तार की रणनीति के तहत भारत को एक प्रमुख विनिर्माण आधार के रूप में देख रही है। जल संबंधी परियोजनाओं की निगरानी पर विशेष फोकस के साथ जीआईएस 2025 में भागीदारी की योजना बनाई गई।

एएंडडी मेडिकल डिवाइसेज के साथ साझेदारी संभावनाएं

मुख्यमंत्री बताया कि श्री दाइकी अराई के साथ हुई बैठक में कंपनी ने अपनी भारतीय यात्रा का विवरण साझा किया। 1986 से भारत में सक्रिय ए एंड डी वर्तमान में गुरुग्राम के माध्यम से BP मॉनिटर, नेबुलाइजर, ब्लड शुगर मॉनिटर और वजन मापने के उपकरणों की बिक्री कर रही है। कंपनी ने 20 करोड़ येन के होम-बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम के उत्पादन का प्रस्ताव रखा, जिसमें पहले वर्ष में 20,000 यूनिट्स का लक्ष्य है। हमने कंपनी को उज्जैन मेडिकल डिवाइस पार्क व नीति से अवगत कराया।

जापान बिज़नेस फ़ेडरेशन के साथ रणनीतिक वार्ता

मुख्यमंत्री डॉ. बताया कि ईस्ट जापान रेलवे कंपनी के चेयरमैन और जापान बिज़नेस फ़ेडरेशन के दक्षिण एशिया समिति के अध्यक्ष श्री युजी फुकासवा के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। 1500 सदस्यों वाले जापान बिज़नेस फ़ेडरेशन का जापान की नीतिगत सलाह और वैश्विक संबंधों में महत्वपूर्ण योगदान है। भारत-जापान संबंधों, विशेषकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों की भूमिका पर चर्चा हुई।

टेक्नोक्राफ्ट लिमिटेड

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि टेक्नोक्राफ्ट लिमिटेड के श्री शरद शराफ से महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। श्री शरद शराफ आईआईटी  मुंबई व जम्मू और कश्मीर के चेयरमैन है साथ ही टेक्नोक्राफ्ट लिमिटेड के प्रमोटर है। श्री सराफ़ द्वारा  उज्जैन के पास स्कैफोल्डिंग विनिर्माण इकाई स्थापित करने की योजना साझा की। यह प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश को निर्माण उपकरण निर्माण का प्रमुख हब बनाने में मददगार होगा। इस इकाई से न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि राज्य के कुशल युवाओं को उच्च तकनीकी प्रशिक्षण भी मिलेगा। श्री सराफ़ द्वारा मध्यप्रदेश के तकनीकी शिक्षा संस्थानों में उच्च तकनीकी स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग दिये जाने की योजना बतायी, साथ ही जापानी तकनीक के प्रयोग के संबंध में योजना साझा की।

टोक्यो इंटरैक्टिव सेशन –

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि “सेलिब्रेटिंग इंडिया-जापान रिलेशनशिप: फोकस मध्यप्रदेश” भारतीय दूतावास, टोक्यो में आयोजित रोड-शो में जापान की प्रमुख कंपनियों और व्यापारिक संगठनों ने भाग लिया। मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश नीतियों और विशेष क्षेत्रों जैसे फार्मा, टेक्सटाइल, ऑटोमोटिव और खाद्य प्रसंस्करण में अवसरों पर प्रस्तुतियां दी गईं। प्रतिभागियों ने राज्य की बुनियादी सुविधाओं, कुशल श्रमशक्ति और व्यापार सुगमता में विशेष रुचि दिखाई है।

टोक्यो इंटरैक्टिव सेशन में उपस्थित प्रमुख कम्पनियां

कंपनीक्षेत्रमध्य प्रदेश में रुचि और संभावित योजनाएं
किटामुरा केमिकल्सरसायन उद्योगविशेष रसायन निर्माण इकाई स्थापित करने में रुचि दिखाई।
निप्पॉन कोएईइंजीनियरिंगजल संसाधन परियोजनाओं में सहयोग की इच्छा व्यक्त की। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स में भी रुचि
एप्सनइलेक्ट्रॉनिक्सइलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में निवेश की संभावनाएं।
मित्सुईऊर्जा/रसायननवीकरणीय ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स में निवेश की योजना।
हिताचीविद्युत उपकरणविद्युत उपकरण निर्माण इकाई स्थापित करने पर विचार।
नोकियाआईटी हार्डवेयरआर एंड डी सेंटर की संभावनाएं।
सुमितोमोवित्तमध्य प्रदेश में जापानी कंपनियों के निवेश को वित्तीय सहयोग।
सोजिट्जइंजीनियरिंगलॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश संभावनाएं
यासुदा लॉजिस्टिक्सलॉजिस्टिक्सडीएमआईसी कॉरिडोर में विशेष रुचि
जापान लॉजिस्टिक्सलॉजिस्टिक्सकोल्ड चेन और वेयरहाउसिंग में निवेश।

ओसाका इंटरैक्टिव सेशन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इम्पीरियल होटल, ओसाका में आयोजित रोड-शो में जेट्रो ओसाका के महानिदेशक श्री हिदेकिशो शो और भारत के महावाणिज्य दूत श्री चंद्रू अप्पर की विशेष उपस्थिति में इंटरैक्टिव सेशन हुआ। इसमें मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं, पर्यटन अवसरों और फार्मा एवं मेडिकल डिवाइस सेक्टर में विशेष अवसरों पर प्रकाश डाला गया।

ओसाका में इंटरएक्टिव सेशन में उपस्थित प्रमुख कंपनी

कंपनीक्षेत्रमध्य प्रदेश में रुचि और संभावित योजनाएं
युमेया-हाचिमनपरिधानपीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क में गारमेंट यूनिट।
याहाताइंजीनियरिंगऑटो सेक्टर के लिए विशेष उपकरण
अल्पाइन जापानऑटोमोबाइलकार इलेक्ट्रॉनिक्स यूनिट। ईवी कंपोनेंट्स
मिकी कॉर्पोरेशनकॉस्मेटिक्सआयुर्वेदिक और हर्बल कॉस्मेटिक्स। स्थानीय जड़ी-बूटियों का उपयोग
डायोसरियल एस्टेटजापानी कंपनियों के लिए औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
ओसाका गैसपेट्रो केमिकलक्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स
कोइज़ुमी अपैरलपरिधानटेक्सटाइल पार्क में निवेश। निर्यात इकाई की स्थापना
मोराबु हांशिनसेवाएंऔद्योगिक सेवाएं और प्रबंधन सलाहकार
कुबोटाकृषि उपकरणकृषि मशीनरी निर्माण। किसान प्रशिक्षण केंद्र
कंसाई पेंटरसायनविशेष औद्योगिक पेंट्स और कोटिंग्स। आर एंड डी सेंटर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि टोक्यो और ओसाका में आयोजित रोड-शो में मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों, बुनियादी ढांचे और व्यापार सुगमता की सराहना की गई। विशेष रूप से, जापानी औद्योगिक पार्क की स्थापना, कौशल विकास केंद्र और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब जैसी परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

टोक्यो में प्रवासी भारतीय कार्यक्रम

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इम्पीरियल होटल, टोक्यो में आयोजित डायस्पोरा संवाद में जापान में रह रहे भारतीय समुदाय और मध्यप्रदेश के मित्रों से संवाद हुआ। मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीयों से मध्य प्रदेश के विकास में योगदान और निवेश का आह्वान किया। टोक्यो और ओसाका में आयोजित रोड-शो में जापानी उद्योग जगत ने मध्यप्रदेश की विकास संभावनाओं में गहरी रुचि दिखाई। जापानी औद्योगिक पार्क की स्थापना का प्रयास, कौशल विकास में जापानी मॉडल का समावेश और फरवरी 2025 में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जापानी कंपनियों की सक्रिय भागीदारी की घोषणा से मैं व्यक्तिगत रूप से बहुत प्रसन्न हूं।

क्योटो यात्रा – विरासत संरक्षण और विकास का समन्वय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जापान के प्रमुख शहर क्योटो के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों – सांजूशेंगेंडो मंदिर, निजो कैसल और टेजी मंदिर के भ्रमण से पारंपरिक धरोहरों के आधुनिक प्रबंधन का एक श्रेष्ठ मॉडल सामने आया। क्योटो ने अपनी प्राचीन विरासत को आधुनिक विकास के साथ जिस तरह संतुलित किया है, वह मध्य प्रदेश के लिए एक आदर्श उदाहरण है। इस यात्रा के बाद हमने विरासत स्थलों के प्रबंधन के लिए जापानी तकनीकों और प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने का निर्णय लिया है। विशेषकर उज्जैन में महाकाल लोक, सांची का बौद्ध परिसर और खजुराहो के मंदिरों के प्रबंधन में जापानी तकनीकों और प्रबंधन विधियों का उपयोग किया जाएगा। स्मार्ट पर्यटक सुविधाएं, आधुनिक प्रदर्शन तकनीक और पर्यावरण अनुकूल बुनियादी ढांचे का विकास प्राथमिकता होगी। साथ ही स्थानीय समुदायों की भागीदारी से पर्यटन को आर्थिक विकास से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि बौद्ध सर्किट के विकास में क्योटो के अनुभवों का विशेष महत्व होगा। सांची से देवनी-जाखोरा तक के बौद्ध स्थलों को जापानी पर्यटकों के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत होंगे।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025, जो 24-25 फरवरी को भोपाल में आयोजित होगा, वैश्विक निवेश का एक अभूतपूर्व मंच बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 24 फ़रवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ करेंगे।

समिट की विशेषताएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में चार प्रमुख विभागीय सम्मेलन (विभागीय समिट: आईटी , एनर्जी, टूरिज्म, एमएसएमई), विशेष प्रवासी सत्र, सेक्टोरल सेशन और बायर-सेलर मीट शामिल हैं। ऑटो और टेक्सटाइल एक्सपो के साथ नवीन तकनीकों का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र होगा। एक जिला-एक उत्पाद की अनूठी प्रदर्शनी राज्य की विविधता को दर्शाएगी।

राज्य की तैयारी

राज्य ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी में व्यापक आउटरीच कार्यक्रम चलाया है। ग्वालियर-चंबल, महाकौशल-विंध्य और मालवा-निमाड़ क्षेत्रों में सफल क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किए गए। इन सम्मेलनों में स्थानीय उद्योगों की सक्रिय भागीदारी रही और कई महत्वपूर्ण निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।

राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम

          मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद,पुणे,कोयंबतूर,कलकत्ता में आयोजित रोड शो से बड़ी कंपनियों और स्टार्ट-अप्स का सकारात्मक प्रतिसाद मिला। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यूके और जर्मनी में प्रदर्शनियों से वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित हुआ। विशेषकर ऑटोमोटिव, आईटी और फार्मा सेक्टर में महत्वपूर्ण साझेदारी की संभावनाएं बनी हैं।

निवेश प्रस्ताव

          मुख्यमंत्री डॉ. यादव नेबताया कि हमने मध्यप्रदेश में 7 रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव की हैं। साथ ही 5 राष्ट्रीय इन्ट्रेक्टिव सत्र किए हैं एवं तीन देशों में अंतर्राष्ट्रीय सत्र भी किए हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पहले सरकार के प्रयासों से हमें कुल 4.17 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे 4.50 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है। 

जीआईएस में प्रमुख आकर्षण और सत्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मुख्यत: प्रमुख आकर्षण और सत्र निम्नानुसार होंगे:-

  • मुख्य सत्र: राज्य की विकास यात्रा और अवसर
  • विभागीय समिट: आईटी, एनर्जी, टूरिज्म,एमएसएमई
  • विशेष सत्र: फार्मा और मेडिकल डिवाइसेस
  • प्रवासी मध्यप्रदेश सम्मेलन
  • एक जिला-एक उत्पाद प्रदर्शनी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया किइस समिट की विशेषता जापान और अन्य देशों की दिग्गज कंपनियों की सक्रिय भागीदारी होगी।जापान यात्रा के दौरान टोयोटा, ब्रिजस्टोन, योकोगावा, यूनिक्लो, और पैनासोनिक जैसी विश्वस्तरीय कंपनियों ने समिट में भाग लेने की पुष्टि की है। जीआईएस-2025 न केवल निवेश का मंच होगा, बल्कि यह भारत-जापान औद्योगिक सहयोग का एक नया अध्याय लिखेगा, जिसमें मध्य प्रदेश केंद्रीय भूमिका निभाएगा।मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए, हमने मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम में जापान प्लस सेल की स्थापना करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत एक डेडिकेटेड टीम जापान के निवेशकों के साथ संपर्क का नियमित फॉलो अप करेगी। उन्होंने बताया कि यह यात्रा न केवल निवेश और तकनीकी सहयोग का एक नया अध्याय है, बल्कि यह दो संस्कृतियों के मिलन से विकास की एक नई कहानी लिख रही है। आने वाले समय में मध्य प्रदेश और जापान की यह साझेदारी भारत के विकास में एक नया मॉडल स्थापित करेगी।

Chaiपुर
Show More

NU Desk

News is at the very core of an informed citizen, it builds awareness about the happenings around and such awareness can be crucial in taking decisions on a normal working day. At NATION UPDATE News, We believe that every news starts with a voice, a voice with concern that wants to discuss or criticise what’s happening around. So before becoming news, it first becomes the voice of masses, that’s what news is at NATION UPDATE News.

Related Articles

Back to top button
PNFPB Install PWA using share icon

For IOS and IPAD browsers, Install PWA using add to home screen in ios safari browser or add to dock option in macos safari browser

You cannot copy content of this page

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker