बिरनपुर हिंसा मामला: बेमेतरा जिला न्यायालय ने 17 आरोपियों को किया दोषमुक्त

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित बिरनपुर हिंसा मामले में बेमेतरा जिला न्यायालय ने मंगलवार को अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दीक्षित की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए साक्ष्यों के अभाव और संदेह का लाभ देते हुए सभी 17 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।
अदालत में विचारण के दौरान कुल 64 अभियोजन साक्षियों के बयान दर्ज किए गए थे। अभियोजन पक्ष आरोपियों के विरुद्ध लगे आरोपों को प्रमाणित करने में असफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने डकेश्वर सिन्हा, मनीष वर्मा, समारू नेताम, पूरन पटेल, राजकुमार निषाद, भोला निषाद, दूधनाथ साहू, अरुण रजक, चंदन साहू, होमेन्द्र नेताम, टाकेन्द्र साहू, राम निषाद, संजय कुमार साहू, चिंताराम साहू, लोकेश साहू, वरुण साहू और राजेश साहू को बरी करने का आदेश दिया।
उल्लेखनीय है कि 8 अप्रैल 2023 को बेमेतरा जिले के बिरनपुर गांव में दो बच्चों के विवाद ने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया था। इस हिंसा में 22 वर्षीय युवक भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद गांव में तनाव व्याप्त हो गया था और बाद में दो अन्य व्यक्तियों, रहीम और उनके पुत्र ईदुल मोहम्मद के शव भी बरामद हुए थे। इस मामले ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया था और तत्कालीन सरकार ने इसकी जांच सीबीआई को सौंपी थी।
शुरुआत में पुलिस ने 12 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें बाद में सीबीआई ने अपनी जांच के दौरान अन्य नाम भी जोड़े थे। साजा थाना में दर्ज इस मामले में आरोपियों पर हत्या, बलवा और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने सहित विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया और गवाहों के बयानों के बाद अब न्यायालय ने 17 लोगों को इस मामले से मुक्त कर दिया है।



