बिलासपुर: श्रीकांत वर्मा मार्ग की विवादित जमीन के नाम पर 64 लाख की ठगी, कांग्रेस नेता सहित तीन के खिलाफ केस

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में जमीन के नाम पर 64 लाख रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने कांग्रेस नेता ज्ञान सिंह गिल, नागेन्द्र राय और टाकेश्वर पाटले के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोंड़पारा निवासी पंकज भोजवानी ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पंकज स्वयं पीएम कंस्ट्रक्शन के भागीदार हैं और जमीन खरीदकर निर्माण कार्य करते हैं।
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2023 में टाकेश्वर पाटले के माध्यम से पंकज की मुलाकात नागेन्द्र राय से हुई। नागेन्द्र ने खुद को राजनीतिक प्रभाव वाला व्यक्ति बताते हुए श्रीकांत वर्मा मार्ग पर स्थित जमीन का सौदा कराने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद उन्हें ज्ञान सिंह गिल के घर ले जाया गया, जहां बताया गया कि जमीन उनकी पत्नी हरजिंदर कौर के नाम पर दर्ज है।
आरोप है कि नागेन्द्र राय और टाकेश्वर पाटले की मध्यस्थता में सौदा तीन करोड़ रुपये में तय हुआ। 23 फरवरी 2023 को पंकज ने आरटीजीएस से हरजिंदर कौर के खाते में 50 लाख रुपये ट्रांसफर किए। दस्तावेज तैयार कराने के नाम पर 10 लाख रुपये दीपाली एसोसिएट्स के खाते में जमा कराए गए।
रकम देने के बाद जब पंकज ने रजिस्ट्री की बात की तो आरोपी सीमांकन में देरी का बहाना बनाते रहे। जांच में पता चला कि जमीन पहले से ही हरजिंदर कौर और अन्य लोगों के बीच न्यायालयीन विवाद में थी। साथ ही ज्ञान सिंह गिल ने उसी जमीन पर एक अन्य व्यक्ति अविनाश पेशवानी से 50 लाख रुपये लेकर 30 प्रतिशत भागीदारी का अनुबंध कर लिया था, जिसकी जानकारी पंकज से छुपाई गई।
शिकायत में यह भी आरोप है कि बाद में अनिल तिवारी से समझौते के नाम पर आरोपियों ने 4 लाख रुपये नकद और ले लिए। पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने इनकार किया। नागेन्द्र राय के घर जाकर गुहार लगाने पर उन्हें धमकाया गया और टाकेश्वर पाटले ने हरिजन एक्ट में झूठा केस फंसाने की धमकी दी।
35 महीने तक परेशान रहने के बाद पंकज ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामले को प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी मानते हुए बीएनएस की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।



