सकरी में 20 दिन पुराने हत्याकांड का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर। सकरी थाना क्षेत्र में 20 दिन पहले हुई अधेड़ की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से एक आरोपी पहले से ही जेल में बंद है।
सकरी पुलिस के अनुसार संजू साहनी, पिता प्रहलाद साहनी, 26 वर्ष, निवासी चिल्हाटी आवासपारा थाना पचपेड़ी ने 8 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता प्रहलाद साहनी एक निजी स्कूल में ड्राइवर के रूप में कार्यरत थे। 7 दिसंबर को दोपहर करीब 11 बजे वे बाइक से हिरीं माइंस इंद्रपुरी से बिलासपुर के लिए निकले थे। 8 दिसंबर को उनका शव सकरी शराब भट्ठी के पास पड़ा मिला। सूचना पर थाना सकरी में मर्ग क्रमांक 115/2025 दर्ज कर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और पंचनामा उपरांत शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
मृतक के शरीर पर चोटों के निशान और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने हत्या की आशंका के तहत जांच शुरू की। शराब दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। जांच के दौरान एक कैमरे में केवल ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली, जिसमें घटना की रात करीब 11.30 बजे किसी व्यक्ति द्वारा गाली-गलौज और अन्य लोगों से बहस की आवाज रिकॉर्ड हुई थी। इस ऑडियो की पहचान मृतक के परिजनों से कराई गई, जिन्होंने आवाज को प्रहलाद साहनी की बताया। यह जांच में अहम सुराग साबित हुआ।
इसी बीच घटना के अगले दिन आरोपी प्रियनाथ वर्मा उर्फ बाबू अंडा, पहले से दर्ज अपराध क्रमांक 737/2025 धारा 75(2), 296, 351(2) बीएनएस के तहत गिरफ्तारी के लिए सकरी थाना पहुंचा। उसके संदिग्ध व्यवहार पर पुलिस को शक हुआ। इसके बाद ह्यूमन इंटेलिजेंस तकनीक, स्थानीय सूत्रों और करीब 20 दिनों के सतत सर्विलांस के माध्यम से पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ीं।
जांच में सामने आया कि 7 दिसंबर की रात प्रहलाद साहनी सकरी शराब दुकान के पास शराब के नशे में गाली-गलौज कर रहा था। शोर सुनकर वहां रहने वाले पुरूषोत्तम वर्मा उर्फ आसाराम, प्रियांशु वर्मा और प्रियनाथ वर्मा उर्फ बाबू अंडा मौके पर पहुंचे और उसे चिल्लाने से मना किया। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और तीनों ने मृतक के साथ मारपीट की, जिससे वह वहीं गिर पड़ा। आरोपी उसे उसी हालत में छोड़कर चले गए। अगले दिन सुबह उसी स्थान पर उसका शव मिला। मृतक के चेहरे और आंख के पास चोट के निशान पाए गए, जो रात में हुई मारपीट का परिणाम थे।
जांच में आरोप सिद्ध पाए जाने पर आरोपियों के विरुद्ध धारा 103(1) और 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। आरोपी पुरूषोत्तम वर्मा उर्फ आसाराम और प्रियांशु वर्मा से पूछताछ में उन्होंने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। आरोपी प्रियनाथ वर्मा उर्फ बाबू अंडा पहले से ही अन्य मामले में जेल में निरुद्ध है।



