रामकृष्ण केयर अस्पताल में तीन मजदूरों की मौत पर भूपेश बघेल ने जताया दुख, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

रायपुर। राजधानी के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान तीन सफाईकर्मियों की मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि सफाई कार्य के दौरान किसी व्यक्ति की मौत होना गंभीर मामला है और इसके लिए जिम्मेदार अस्पताल प्रबंधन या संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
दिल्ली रवाना होने से पहले भूपेश बघेल ने असम में कांग्रेस उपाध्यक्ष नव ज्योति तालुकदार के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कांग्रेस नेताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर दबाव और लालच देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी ऐसे इस्तीफे हुए हैं, लेकिन इससे पार्टी पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता।
नक्सल आत्मसमर्पण के मुद्दे पर बघेल ने कहा कि जो लोग मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें सामान्य जीवन जीने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण के बाद उन्हें वही वातावरण मिलना चाहिए, जो एक सामान्य नागरिक को मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि 31 मार्च नजदीक है और राज्य को नक्सल मुक्त घोषित करने की बात अब अंतिम चरण में है।
मंगलवार को पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है, जो सिमरन सिटी के निवासी थे।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस के साथ झड़प भी हुई, जो देर रात तक जारी रही। अस्पताल प्रबंधन ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मजदूर ठेका एजेंसी के माध्यम से काम कर रहे थे। मामले की जांच जारी है।



