फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट और पत्नी से जुड़े धोखाधड़ी मामले में जमानत याचिकाएं खारिज

जोधपुर। राजस्थान हाई कोर्ट ने करीब 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामले में फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट और जांच में शामिल दो अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। न्यायमूर्ति विनोद कुमार भरवानी ने कहा कि मौजूदा स्थिति में जमानत देना उचित नहीं होगा।
सुनवाई के दौरान विशेष सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए दलील दी कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपियों से आगे पूछताछ जरूरी है। उन्होंने आशंका जताई कि जमानत मिलने पर आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।
मामला बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता से जुड़ा है। आरोप है कि विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी ने अलग-अलग नामों से फर्जी इनवॉइस तैयार कर फिल्म निर्माण के नाम पर शिकायतकर्ता के खाते से रकम अपने निजी खातों में स्थानांतरित की।
जमानत पर सुनवाई से पहले आरोपियों ने एफआईआर रद्द कराने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी और इसे सिविल विवाद बताया था। हालांकि अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया फंड के दुरुपयोग के तथ्य सामने आए हैं, जिससे आपराधिक जांच जरूरी है।
गौरतलब है कि 17 नवंबर 2025 को उदयपुर के भूपालपुरा थाने में इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई थी। इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने शिकायत में आरोप लगाया था कि एक फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर निकाली गई राशि का दुरुपयोग किया गया। शिकायत के बाद विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट को दिसंबर में हिरासत में लिया गया था।

