कहीं आप भी तो नहीं पढ़ रहे फर्जी यूनिवर्सिटी में? दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों के 36 संस्थान अवैध घोषित

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है, लेकिन यहां 13 ऐसे संस्थान चिन्हित किए गए हैं जिन्हें University Grants Commission से मान्यता प्राप्त नहीं है। ये संस्थान अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं और इनके द्वारा जारी की जाने वाली डिग्री किसी भी सरकारी नौकरी या उच्च शिक्षा में मान्य नहीं होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे फर्जी विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेना छात्रों के लिए समय और धन दोनों की बड़ी हानि साबित हो सकता है। यूजीसी ने छात्रों और अभिभावकों को इन संस्थानों से सतर्क रहने और प्रवेश से पहले मान्यता सूची की जांच करने की सलाह दी है।
दिल्ली में चिन्हित फर्जी विश्वविद्यालय
आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एंड फिजिकल हेल्थ साइंस, अलीपुर
कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, दरियागंज
यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी, दिल्ली
वोकेशनल यूनिवर्सिटी, दिल्ली
एडीआर सेंट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी, राजेंद्र प्लेस
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग, नई दिल्ली
विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ एम्प्लॉयमेंट
आध्यात्मिक विश्वविद्यालय, विजय विहार, रोहिणी
वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी, पीतमपुरा
इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग, कोटला मुबारकपुर
माउंटेन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी
कम्युनिकेशंस, नेहरू प्लेस
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट सॉल्यूशन, जनकपुरी
देशभर में 36 फर्जी विश्वविद्यालय
यूजीसी के अनुसार देश के विभिन्न राज्यों में कुल 36 फर्जी विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं। हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, पुडुचेरी और केरल सहित कई राज्यों में ऐसे संस्थान पाए गए हैं।
कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं
हरियाणा
मैजिक एंड आर्ट यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद
राजस्थान
राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, भिवाड़ी, अलवर
झारखंड
दक्ष यूनिवर्सिटी, रांची
अरुणाचल प्रदेश
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन
उत्तर प्रदेश
गांधी हिन्दी विद्यापीठ, प्रयागराज
महामाया प्राविधिक विश्वविद्यालय, नोएडा
नेताजी सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी, अलीगढ़
भारतीय शिक्षा परिषद, लखनऊ
महाराष्ट्र
राजा अरेबिक यूनिवर्सिटी, नागपुर
नेशनल बैकवर्ड कृषि विद्यापीठ, अक्कलकोट, सोलापुर
पश्चिम बंगाल
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन, कोलकाता
इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन एंड रिसर्च, कोलकाता
आंध्र प्रदेश
क्राइस्ट न्यू टेस्टामेंट डीम्ड यूनिवर्सिटी, गुंटूर
बाइबल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया, विशाखापट्टनम
कर्नाटक
सर्व भारतीय शिक्षा पीठ, तुमकुर
ग्लोबल ह्यूमन पीस यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु
पुडुचेरी
श्री बोधि एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन
उषा लात्चुमनन कॉलेज ऑफ एजुकेशन
केरल
सेंट जॉन यूनिवर्सिटी
इंटरनेशनल इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ प्रोफेटिक मेडिसिन, कोझिकोड
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि इन संस्थानों से प्राप्त डिग्री किसी भी सरकारी नौकरी या उच्च शिक्षा में मान्य नहीं होगी। छात्रों को किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने से पहले यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर मान्यता सूची की जांच करना अनिवार्य है। फर्जी संस्थानों में दाखिला लेने से छात्रों और उनके परिवारों की मेहनत और धन दोनों व्यर्थ हो सकते हैं।


