
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बुधवार को दोहरी बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि जिले के तर्रेम क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में एक माओवादी कैडर को न्यूट्रलाइज किया गया है, जबकि पामेड़ क्षेत्र में 12 माओवादी कैडरों ने हथियारों सहित आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा को अपनाया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडर कुल 54 लाख रुपये के इनामी थे। उनका हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करना बस्तर अंचल में बढ़ते विश्वास और स्थायी शांति की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। लंबे समय से नक्सल हिंसा से प्रभावित क्षेत्र में लगातार हो रहे आत्मसमर्पण यह दर्शाते हैं कि सरकार की पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों की रणनीति प्रभावी साबित हो रही है।
तर्रेम क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने सतर्कता और साहस का परिचय देते हुए एक सक्रिय माओवादी को मार गिराया। वहीं पामेड़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में माओवादियों का आत्मसमर्पण इस बात का संकेत है कि नक्सल संगठनों के भीतर हिंसा को लेकर मोहभंग बढ़ रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों ने सरकार की पुनर्वास नीति पर भरोसा जताते हुए समाज की मुख्यधारा में लौटने की इच्छा व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, विकास और विश्वास के संतुलित मॉडल के तहत बस्तर में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस अभियान में शामिल डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और सीआरपीएफ के जवानों की सराहना करते हुए उनके साहस, अनुशासन और रणनीतिक क्षमता को नमन किया। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में और अधिक माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे। बीजापुर में मिली यह दोहरी सफलता बस्तर में शांति, विकास और विश्वास की बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



