कोल्ड्रिंक फैक्ट्री में अमोनिया गैस से मजदूर झुलसा, प्रबंधन ने मामला दबाया, पुलिस नहीं पहुंची

बिलासपुर। सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र स्थित नर्मदा कोल्ड्रिंक फैक्ट्री में काम करने वाला एक मजदूर अमोनिया गैस की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। घायल मजदूर को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। यह हादसा 18 मार्च को हुआ था। फैक्ट्री प्रबंधन तब से मामले को दबाने की कोशिश करता रहा, जबकि सिरगिट्टी पुलिस अब तक जांच के लिए नहीं पहुंची है।
18 मार्च को रोज की तरह फैक्ट्री में काम चल रहा था। इसी दौरान फैक्ट्री के कर्मचारी राजेंद्र कुमार कौशिक अमोनिया गैस की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया। उसके हाथ और सीने को छोड़कर शरीर का पूरा हिस्सा झुलस गया है। अन्य कर्मचारियों ने फैक्ट्री प्रबंधन को घटना की जानकारी दी। प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही घायल मजदूर को मगरपारा स्थित किम्स अस्पताल में भर्ती कराया। वहां 13 दिनों तक इलाज चलने के बाद 31 मार्च को उसे अपोलो अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना को एक माह होने जा रहा है, लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन ने हादसे की सूचना पुलिस को नहीं दी है।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से घायल मजदूर के नाम पर मेमो बनाकर सिरगिट्टी थाने भेजा गया। इसके बाद भी पुलिस ने अब तक जांच नहीं की, न ही घटना स्थल का निरीक्षण किया और न ही घायल मजदूर का बयान दर्ज करने पहुंची। पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया है।
सिरगिट्टी थाना प्रभारी किशोर केंवट ने बताया कि किम्स अस्पताल से मेमो थाने भेजा गया है। अभी तक पीड़ित के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है।




