छत्तीसगढ़ में जंगलराज का आरोप, दीपक बैज ने शिक्षा व्यवस्था और चुनावी मुद्दों पर सरकार को घेरा

रायपुर। पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सेजबहार में एक परिवार के साथ हुई लूट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘जंगलराज’ जैसी स्थिति है और अपराध सरकार के नियंत्रण से बाहर हो चुका है, जिससे आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है।
शिक्षा व्यवस्था और श्लोक विवाद
सरकारी स्कूलों में श्लोक से शुरुआत किए जाने पर बैज ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार को बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध कराने, आरटीई प्रवेश सुनिश्चित करने और स्कूलों में शिक्षकों व शौचालयों की कमी दूर करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार स्कूलों को शिशु मंदिर बनाना चाहती है।
चुनावी राज्यों में जीत का दावा
असम, केरल और पुडुचेरी में हो रहे मतदान पर प्रतिक्रिया देते हुए बैज ने तीनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनने का दावा किया। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वा सरमा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि वे सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं और उन्हें जेल जाना पड़ेगा।
महतारी वंदन और केवाईसी
महतारी वंदन योजना के लिए केवाईसी अनिवार्य किए जाने को बैज ने महिलाओं का नाम काटने की साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास बजट की कमी है, इसलिए प्रक्रिया को जटिल बनाया जा रहा है।
नक्सलमुक्त पंचायत प्रोत्साहन राशि
नक्सलमुक्त पंचायतों को 1 करोड़ रुपये देने के वादे पर बैज ने स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जिलों को नक्सलमुक्त मानती है, तो बताए कि अब तक कितनी पंचायतों को यह राशि दी गई है। उन्होंने सरकार के इस वादे को भी ‘जुमला’ बताया।
प्रतिमा अनावरण विवाद
अंबिकापुर में मूर्ति अनावरण विवाद पर उन्होंने कांग्रेस नेताओं के विरोध का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शहीद चंद्रशेखर आजाद का सम्मान सर्वोपरि है और उनका नाम प्राथमिकता में होना चाहिए।



