ट्रंप और ईरान के बीच हुआ समझौता: पाकिस्तान ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका, जानें किन शर्तों पर टला भीषण युद्ध

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 40 दिनों से जारी भीषण संघर्ष पर फिलहाल विराम लग गया है। दोनों देशों के बीच 14 दिनों के युद्धविराम पर सहमति बनी है। समझौते के तहत तेहरान ने अपनी शर्तों के साथ होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर सहमति जताई है। वहीं व्हाइट हाउस ने इस सैन्य अभियान को अमेरिका की जीत बताते हुए कहा है कि सैन्य कार्रवाई ने कूटनीतिक बातचीत का रास्ता तैयार किया है।
समझौते से कुछ घंटे पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला गया तो ईरान के महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाया जाएगा। इस बीच पाकिस्तान की अहम भूमिका सामने आई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने अंतिम समय में दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर समझौते को संभव बनाया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इसका उल्लेख किया, वहीं शहबाज शरीफ ने 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में औपचारिक वार्ता की जानकारी दी है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि यदि ईरान के खिलाफ हमले पूरी तरह बंद होते हैं तो ईरान भी अपनी रक्षात्मक कार्रवाई रोक देगा। समझौते के अनुसार अगले दो सप्ताह तक होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जाएगी, हालांकि यह पूरी तरह ईरानी सेना के समन्वय में होगी। ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भी भेजा है, जो आगामी वार्ता का आधार बनेगा।
ईरान के प्रस्ताव में आर्थिक प्रतिबंध हटाने, क्षेत्रीय सैन्य ठिकानों से अमेरिकी सेना की वापसी, होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण बनाए रखने, युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई, यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को मान्यता देने और भविष्य में हमले न करने की गारंटी जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से जुड़े प्रस्तावों को समाप्त करने तथा क्षेत्रीय संघर्षों को खत्म करने की बात भी कही गई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि ईरान का 10 सूत्रीय प्रस्ताव बातचीत के लिए एक व्यावहारिक आधार है। उन्होंने दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की। वहीं ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने भी इस समझौते की पुष्टि करते हुए इसे अपनी रणनीतिक जीत बताया है।



