रायगढ़ में अवैध अफीम की खेती पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, ड्रोन सर्वे के जरिए दुर्गम इलाकों में बड़ी कार्रवाई

रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के विरुद्ध जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के नेतृत्व में पिछले 72 घंटों के भीतर तमनार और लैलूंगा क्षेत्र में अफीम की खेती के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देने हेतु पुलिस कंट्रोल रूम में एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया।
ड्रोन तकनीक से दुर्गम क्षेत्रों की निगरानी
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि जिले के सभी अनुविभागों में अवैध खेती पर नियंत्रण हेतु व्यापक ड्रोन सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, रायगढ़, पुसौर और धरमजयगढ़ के दर्जनों गांवों में सफलतापूर्वक सर्वे किया गया है। ड्रोन तकनीक की मदद से उन दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों की भी पहचान की जा रही है, जहां सामान्यतः पहुंचना कठिन होता है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पिछले डेढ़ सप्ताह से सीमावर्ती क्षेत्रों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है, जिसमें अब तक अफीम की खेती के तीन मामले प्रकाश में आए हैं।
तमनार में दो करोड़ रुपये की फसल नष्ट
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने बताया कि 19 मार्च को मुखबिर की सूचना पर तमनार के आमाघाट में बड़ी कार्रवाई की गई। यहां सब्जी की खेती की आड़ में अवैध रूप से अफीम उगाई जा रही थी। मौके से लगभग 60,326 पौधे बरामद किए गए, जिनका अनुमानित बाजार मूल्य करीब 2 करोड़ रुपये आंका गया है। इस मामले में मुख्य आरोपी मार्शल सांगा को हिरासत में लिया गया है। प्रशासन ने रोटावेटर और जेसीबी की सहायता से पूरी फसल को नष्ट कर दिया है। इस कार्रवाई में पुलिस, राजस्व, कृषि और एफएसएल की संयुक्त टीम शामिल रही।
लैलूंगा क्षेत्र में छापेमारी और गिरफ्तारियां
कार्रवाई के इसी क्रम में 23 मार्च को लैलूंगा तहसील के ग्राम नवीन घटगांव और मुड़ागांव में भी अवैध खेती के मामले सामने आए। नवीन घटगांव में आरोपी सादराम नाग द्वारा अपने खेत में अफीम की खेती की जा रही थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर आरोपी को हिरासत में लिया है। वहीं, एक अन्य व्यक्ति अभिमन्यु नागवंशी के घर से अफीम की सूखी फसल बरामद की गई है। मुड़ागांव में भी तानसिंह नागवंशी के पास से संदिग्ध फसल के अवशेष मिले हैं, जिन्हें जांच हेतु लैब भेजा गया है।
नारकोटिक्स एक्ट के तहत होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस प्रशासन वर्तमान में नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों के संपर्क में है और लैब रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की अवैध खेती एक गंभीर अपराध है और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास होने वाली ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।



