नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 वर्ष का कारावास

बिलासपुर। नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पास्को एक्ट) पूजा जायसवाल की अदालत ने आरोपी जयकुमार लहरे उर्फ कलुआ को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने पीड़िता को 4 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि देने का भी आदेश जारी किया है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि नाबालिग के विरुद्ध ऐसा घृणित कृत्य उसके मानसिक और शारीरिक विकास पर आजीवन प्रतिकूल प्रभाव डालता है। बच्चों के विरुद्ध बढ़ते अपराधों को देखते हुए अदालत ने आरोपी के कृत्य को अक्षम्य माना। शासन की ओर से मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक मनीषा नंदी ने की।
मामला तखतपुर थाना क्षेत्र का है, जहाँ पीड़िता के पिता ने नवंबर 2024 में अपनी नाबालिग पुत्री की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि कोई अज्ञात व्यक्ति उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस विवेचना के दौरान पता चला कि आरोपी जयकुमार लहरे नाबालिग को उत्तर प्रदेश स्थित एक ईंट भट्टे पर ले गया था।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उत्तर प्रदेश के ईंट भट्टे से पीड़िता को बरामद किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध पास्को एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर चालान न्यायालय में पेश किया था। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।



