जेल से सीधे NEET सेंटर पहुंचा आरोपी, हाईकोर्ट के आदेश पर दी गई परीक्षा की अनुमति

रायपुर। रायपुर सेंट्रल जेल में बंद एक आरोपी छात्र रविवार को NEET-UG री-एग्जाम में शामिल हुआ। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश के बाद आरोपी को विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया गया। इस मामले ने परीक्षा और कानूनी अधिकारों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, रायपुर के शिवानंद नगर निवासी कुणाल तरुणकर को डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्र लाया गया। परीक्षा के दौरान पुलिस और जेल प्रशासन की विशेष टीम उसके साथ मौजूद रही।
क्या है पूरा मामला?
कुणाल तरुणकर पर एक युवती को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, 20 अप्रैल को 20 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जांच के दौरान मृतका की डायरी और मोबाइल फोन से मिले साक्ष्यों के आधार पर कुणाल का नाम सामने आया।
आरोप है कि वह युवती पर मिलने का दबाव बनाता था, उसके साथ अभद्र व्यवहार करता था और मानसिक रूप से परेशान करता था। इसी मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
हाईकोर्ट से मिली राहत
री-NEET परीक्षा में शामिल होने के लिए आरोपी की ओर से हाईकोर्ट में आवेदन दायर किया गया था। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी।
कोर्ट ने रायपुर पुलिस अधीक्षक और जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि छात्र को निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाने और परीक्षा में शामिल कराने की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कड़ी सुरक्षा में पहुंचा परीक्षा केंद्र
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जेल प्रशासन ने विशेष सुरक्षा टीम गठित की। इसमें एएसआई, हवलदार और पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। टीम आरोपी को जेल से परीक्षा केंद्र लेकर पहुंची और परीक्षा समाप्त होने तक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि न्यायिक हिरासत में रहने वाले छात्रों को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने का अधिकार किस तरह सुनिश्चित किया जाए।



