वंदे मातरम् के 150 वर्ष: स्वास्थ्य संचालनालय नवा रायपुर देशभक्ति के रंग में रंगा, राष्ट्रगीत के सुरों से गूंजा परिसर

रायपुर। राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” के 150वें वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर संचालनालय स्वास्थ्य, नवा रायपुर परिसर देशभक्ति और उल्लास की भावना से सराबोर हो उठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देशभर में चल रहे वंदे मातरम् 150 वर्ष महोत्सव के तहत यहां भी अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक स्वर में राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन कर मां भारती के प्रति श्रद्धा और एकता का संदेश दिया।
देशभक्ति से ओतप्रोत माहौल में हुआ सामूहिक गायन...
भव्य आयोजन के दौरान आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, संयुक्त संचालक श्रीमती प्रेमलता चंदेल, संयुक्त संचालक (RCH) डॉ. निर्मला यादव सहित संचालनालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने एक साथ स्वर मिलाकर जब “वंदे मातरम्” गाया, तो पूरा परिसर राष्ट्रप्रेम की भावना और देशभक्ति के जोश से गूंज उठा।

कार्यक्रम का वातावरण इतना प्रेरणादायक था कि उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति ने अपने भीतर भारतीयता और एकजुटता की नई ऊर्जा महसूस की।
‘वंदे मातरम्’ – आज़ादी की आत्मा और भारतीयता का प्रतीक...
वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा है। 19वीं सदी में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत 1896 में कांग्रेस अधिवेशन के दौरान गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने पहली बार गाया था।

स्वतंत्रता संग्राम के हर चरण में इस गीत ने लाखों भारतीयों में आज़ादी का संकल्प जगाया। 1950 में संविधान सभा ने इसे भारत का राष्ट्रीय गीत घोषित किया — और तब से यह गीत राष्ट्र की आत्मा और एकता का प्रतीक बना हुआ है।
राष्ट्र निर्माण का संकल्प...
इस अवसर पर स्वास्थ्य संचालनालय परिवार ने यह संकल्प लिया कि “वंदे मातरम्” की भावना को आत्मसात करते हुए भारत को सुजलाम, सुफलाम और सुखदाम बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने देश के प्रति अपने कर्तव्य और निष्ठा को पुनः समर्पित किया।
डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा —
“वंदे मातरम् हमें न केवल हमारी आज़ादी की याद दिलाता है, बल्कि यह प्रेरित करता है कि हम अपने कार्य और सेवा के माध्यम से भारत माता की प्रगति में योगदान दें।”
एकता और समर्पण का प्रतीक बना आयोजन...
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि चाहे शासन का कोई भी क्षेत्र हो — स्वास्थ्य, शिक्षा या प्रशासन — जब सभी नागरिक एक साथ “वंदे मातरम्” कहते हैं, तो देशभक्ति, एकता और संकल्प का स्वर पूरे भारतवर्ष में गूंज उठता है।



