5 लाख की इनामी महिला नक्सली ने किया आत्मसमर्पण, धमतरी पुलिस को बड़ी सफलता

धमतरी। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत धमतरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सक्रिय पांच लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता उर्फ लता उर्फ सोमारी ने पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। वह नगरी एरिया कमेटी की सदस्य और गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में कार्यरत थी तथा छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्रों में संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती थी।
आत्मसमर्पण के बाद शासन की नीति के अनुरूप भूमिका को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। साथ ही उसे पुनर्वास योजना का लाभ भी दिया जाएगा।
मूलतः ग्राम पुसनार, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर की निवासी 37 वर्षीय भूमिका पर शासन द्वारा पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार लंबे समय तक माओवादी संगठन से जुड़े रहने के कारण संगठन के भीतर भेदभावपूर्ण व्यवहार, हिंसा आधारित विचारधारा और पारिवारिक व दांपत्य जीवन से वंचित रहने की स्थिति से वह मानसिक रूप से टूट चुकी थी। इन्हीं कारणों से उसने हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
2005 से माओवादी संगठन में थी सक्रिय
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भूमिका वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय रही। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद वह वर्ष 2010 तक प्लाटून-01 में शामिल रही। इसके बाद उसे ओडिशा राज्य कमेटी में भेजा गया, जहां वर्ष 2011 से 2019 तक वह शीर्ष माओवादी नेता सीसीएम संग्राम की सुरक्षा में तैनात रही। वर्ष 2019 से 2023 के बीच उसने सीनापाली एरिया कमेटी में एरिया कमेटी सदस्य के रूप में कार्य किया। सितंबर 2023 में उसे गोबरा एलओएस कमांडर की जिम्मेदारी सौंपी गई।
कई गंभीर घटनाओं में रही संलिप्त
संगठन में नक्सलियों की संख्या घटने के चलते हाल के वर्षों में भूमिका नगरी और सीतानदी एरिया कमेटी के साथ संयुक्त रूप से सक्रिय थी। अपने नक्सली जीवन के दौरान वह कई गंभीर मुठभेड़ों में शामिल रही। वर्ष 2010 में ओडिशा के पड़कीपाली क्षेत्र में हुई मुठभेड़, वर्ष 2018 में बीजापुर के तिमेनार जंगल, वर्ष 2023 में गरियाबंद के ताराझार जंगल, वर्ष 2024 में धमतरी के एकावरी जंगल तथा वर्ष 2025 में मांदागिरी जंगल में हुई मुठभेड़ों में उसकी संलिप्तता सामने आई है। उसके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।



