कक्षा चौथी के अंग्रेजी प्रश्न पत्र में ‘राम’ विकल्प को लेकर विवाद, प्रश्न पत्र निर्माता शिक्षिका निलंबित

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा सत्र 2025-26 की अर्धवार्षिक परीक्षा में कक्षा चौथी के अंग्रेजी विषय के प्रश्न पत्र को लेकर धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विवाद उत्पन्न हो गया। प्रश्न में पूछा गया था, “मोना के कुत्ते का नाम क्या है?” जिसमें चार विकल्पों में ‘शेरू’ के साथ ‘राम’ का विकल्प भी शामिल था। राम को हिंदू धर्म में आराध्य देव माना जाता है, जिसके कारण इस विकल्प को धार्मिक भावनाओं के प्रति असंवेदनशील बताकर आपत्ति जताई गई।
जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने शिकायत की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की। समिति की रिपोर्ट में प्रश्न पत्र निर्माणकर्ता शिखा सोनी, प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला नकटी (खपरी), विकासखंड तिल्दा, रायपुर को दोषी पाया गया। उन्हें त्रुटि के लिए निलंबित कर दिया गया है।
साथ ही प्रश्न पत्र के मॉडरेटर नम्रता वर्मा, सहायक शिक्षक (संविदा), के विरुद्ध सेवा से पृथक करने की कार्यवाही प्रक्रिया में है।
दोषी शिक्षिका शिखा सोनी ने अपने स्पष्टीकरण में बताया कि विकल्प में ‘राम’ अंकित होना पूर्णतः अज्ञानवश हुई त्रुटि थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका कोई इरादा किसी धर्म या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था तथा गलती के लिए क्षमा मांगी। इसी प्रकार मॉडरेटर नम्रता वर्मा ने भी त्रुटि स्वीकार करते हुए कहा कि उन्हें दो सेट प्रश्न पत्र प्राप्त हुए थे, जिनमें से उन्होंने एक सेट को यथावत रखा। उन्होंने भी गलती के लिए क्षमा याचना की तथा भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का आश्वासन दिया।
जिला शिक्षा अधिकारी ने इस प्रकरण में अनुभवी शिक्षक का चयन न करने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी, तिल्दा तथा उचित मॉडरेटर शिक्षक का चयन न करने पर प्राचार्य, शहीद स्मारक स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, रायपुर को चेतावनी पत्र जारी किया है।
इस घटना ने शिक्षा विभाग तथा परीक्षा संचालन प्रक्रिया में सतर्क निरीक्षण, जिम्मेदारी तथा धार्मिक संवेदनशीलता के प्रति विशेष ध्यान की आवश्यकता को उजागर किया है। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि सभी शिक्षक तथा मॉडरेटर अपने दायित्वों के प्रति पूरी सतर्कता बरतें ताकि भविष्य में किसी प्रकार का धार्मिक विवाद उत्पन्न न हो। शिक्षा प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों के विरुद्ध निलंबन तथा सेवा से पृथक करने की प्रक्रिया शुरू की है तथा संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देकर सतर्क रहने का निर्देश दिया है।



