माओवाद के खात्मे की ओर बड़ा कदम: 5 महीने में 6 बड़े कमांडरों का आत्मसमर्पण, पस्त हुआ नक्सली नेटवर्क

जगदलपुर। लगातार बढ़ते सुरक्षा बलों के दबाव के बीच तेलंगाना से माओवाद को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पोलित ब्यूरो सदस्य और केंद्रीय समिति के वरिष्ठ नेता देवजी ने 18 माओवादियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है।
देवजी को संगठन के प्रमुख कमांडरों में माना जाता था। उनका आत्मसमर्पण माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। सुरक्षा बलों के सघन अभियान, नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई और बढ़ती घेराबंदी के कारण संगठन के भीतर दबाव की स्थिति बताई जा रही है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बसव राजू के मारे जाने के बाद देवजी बड़ा नक्सली नेता था, जिसने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने बताया कि देवजी ने तेलंगाना में सरेंडर किया है। कुछ अन्य निष्क्रिय सदस्यों को भी मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। सरकार की ओर से पुनर्वास, बैंक सहायता, शादी विवाह और खेती जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इससे पहले भी कई शीर्ष माओवादी नेता आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इनमें सुजाता उर्फ कल्पना उर्फ पोथुला पद्मावती ने हैदराबाद में, मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने गढ़चिरौली में, सतीश उर्फ रूपेश उर्फ टक्कलपल्ली वासुदेव राव ने जगदलपुर में, पुलुरी प्रसाद राव उर्फ चंद्रन्ना ने हैदराबाद में और रामदर मज्जी उर्फ सोमा ने राजनांदगांव में आत्मसमर्पण किया था। अब देवजी उर्फ तिरुपति के आत्मसमर्पण को भी बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।



