नक्सली कमांडर ने जंगल में छिपाया था 21 लाख रुपए, निकालने पहुंचे आत्मसमर्पित माओवादी, तीन आरोपी गिरफ्तार

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से नक्सल गतिविधियों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मैनपुर थाना क्षेत्र के राजाडेरा जंगल में जमीन के अंदर छिपाकर रखे गए 21 लाख रुपये नगद डंप को निकालने पहुंचे दो महिला सरेंडर नक्सलियों सहित तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, बरामद रकम नक्सलियों द्वारा ठेकेदारों और आम नागरिकों को डराकर अवैध वसूली से जुटाई गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों महिला नक्सलियों ने शासन की पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर किया था, लेकिन पुलिस के अनुसार उनका मकसद नक्सली संगठन के लिए छिपाई गई रकम वापस निकालना था।
दरअसल, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मैनपुर पुलिस ने राजाडेरा पहाड़ी के पास घेराबंदी की। इसी दौरान जंगल से बैग लेकर लौट रहे संदिग्धों ने पुलिस को देखकर छिपने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान एक काले रंग के बैग से टिफिन में रखे 500-500 रुपये के नोटों के बंडल मिले। कुल 21 लाख रुपये नगद बरामद किए गए। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
नक्सली कमांडर चलपति की गार्ड रह चुकी है आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में सिंगे उर्फ रोशनी, निवासी ग्राम गामगुलावर जिला सुकमा शामिल है, जो नक्सली कमांडर चलपति की गार्ड रह चुकी है। दूसरी आरोपी बुधरी मुचाकी उर्फ बुदरी उर्फ सोनी, निवासी एटेगट्टा जिला सुकमा है, जो सीनापाली दलम की पूर्व कमांडर बताई गई है। वहीं तीसरा आरोपी नोहर मरकाम, निवासी ग्राम भुतबेड़ा थाना मैनपुर है, जिसे नक्सलियों का सहयोगी बताया गया है।
2024 में चलपति ने जमीन के अंदर छिपाई थी रकम
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि बरामद 21 लाख रुपये वर्ष 2024 में नक्सली कमांडर चलपति ने राजाडेरा जंगल में पहाड़ी के पास जमीन के अंदर छिपाकर रखे थे। यह रकम ठेकेदारों और आम जनता से डराने-धमकाने के जरिए अवैध वसूली कर जुटाई गई थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों महिला सरेंडर नक्सलियों ने पुनर्वास कैंप में रहते हुए इस रकम को निकालने की योजना बनाई थी और अपने पुराने सहयोगी नोहर मरकाम की मदद से जंगल पहुंची थी।
मामले में आगे की विवेचना जारी
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 61(2) तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए की धारा 17, 18, 20, 38 और 40 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जंगल में छिपाकर रखी गई 21 लाख रुपये की बरामदगी को नक्सल नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से अहम कार्रवाई माना जा रहा है।



