अम्बिकापुर में योग दिवस की धूम: सीएम विष्णुदेव साय ने हजारों लोगों के साथ किया योगाभ्यास, बोले- योग को जन आंदोलन बनाएं

छह साल बाद दिल्ली के ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या बढ़ाने और आदिवासी युवाओं की सफलता पर भी जताया गर्व
छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के मुख्यालय अम्बिकापुर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित इस बड़े कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने वहां मौजूद हजारों स्कूली बच्चों, महिलाओं, युवाओं और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर सामूहिक योगाभ्यास किया। इस मौके पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योग हमारी प्राचीन ऋषि परंपरा का दुनिया को दिया गया सबसे अनमोल तोहफा है।

हर उम्र की सेहत के लिए जरूरी है योग
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस साल की थीम स्वस्थ आयु के लिए योग का जिक्र करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी में स्वस्थ रहना सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में योग हर उम्र के इंसान को बीमारियों से बचाने का सबसे आसान और असरदार तरीका है। योग सिर्फ हाथ-पैर हिलाने वाली कसरत नहीं है, बल्कि यह शरीर और मन को शांत रखने की एक बेहतरीन जीवन शैली है। ब्लड प्रेशर, शुगर, मोटापा और नींद न आने जैसी आज की आम बीमारियों को नियमित योग से ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति ही अच्छे समाज और मजबूत देश का निर्माण कर सकता है।
योग अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन, गांवों तक पहुंचेगी यह विधा
प्रदेश में योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत लाया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग असल में डॉक्टरों की पढ़ाई और अस्पतालों की व्यवस्था से जुड़ा सरकारी विभाग होता है। इस बदलाव से अब योग की पढ़ाई, इसके रिसर्च और ट्रेनिंग को ज्यादा बेहतर और वैज्ञानिक बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मुख्य लक्ष्य योग को राज्य के हर गांव, स्कूल और कॉलेज तक पहुंचाना है ताकि स्वस्थ रहने की इस आदत को एक जन आंदोलन बनाया जा सके।
आदिवासी युवाओं की सफलता की तारीफ की
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में राज्य के जनजातीय यानी आदिवासी समाज के युवाओं की शिक्षा को लेकर भी सरकार की पीठ थपथपाई। उन्होंने बताया कि दिल्ली में छत्तीसगढ़ के आदिवासी छात्रों के रहने के लिए बने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या को 50 से बढ़ाकर सीधे 200 कर दिया गया है। इसका असर भी अब दिखने लगा है। हाल ही में इस वर्ग के 13 युवाओं ने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास की है, जो पूरे प्रदेश के लिए बड़े गौरव की बात है।
इस कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्थानीय विधायक प्रबोध मिंज और छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल सहित कई बड़े अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।



