डॉ. वर्णिका शर्मा की संवेदनशील पहल, बीमार बालिका की जिंदगी में लौटी उम्मीद, आयोग अध्यक्ष की पहल से स्वास्थ्य में सुधार

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की संवेदनशील पहल से गंभीर रूप से बीमार एक बालिका के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। लंबे समय से उपचाराधीन इस बालिका को 15 जनवरी 2026 को बेहतर इलाज के लिए दंतेवाड़ा से रायपुर लाया गया था। तब से आयोग अध्यक्ष स्वयं मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, चिकित्सकों की नियमित देखरेख, समय पर उपचार और विभिन्न स्तरों पर मिले सहयोग के कारण अब बालिका की स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है और बालिका धीरे-धीरे स्वस्थ होने की ओर बढ़ रही है।
इलाज के दौरान दंतेवाड़ा से आई एक सुपरवाइज़र बालिका की देखभाल की जिम्मेदारी निभा रही थीं। इस दौरान उन्हें कुछ व्यक्तिगत और व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मामले की जानकारी मिलने पर डॉ. वर्णिका शर्मा ने तत्काल सहयोग उपलब्ध कराया। इससे सुपरवाइज़र को राहत मिली और बालिका की देखभाल प्रभावित नहीं हुई।
सुपरवाइज़र ने आयोग अध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिला सहयोग उनके लिए बड़ी मदद साबित हुआ। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चों के लिए इस तरह की पहल समाज में सकारात्मक संदेश देती है और कई परिवारों को उम्मीद देती है।
बालिका के परिजनों ने भी इलाज में सहयोग करने वाले चिकित्सकों, अस्पताल प्रशासन और सभी शुभचिंतकों का धन्यवाद किया है। उनका कहना है कि सभी के सहयोग और शुभकामनाओं से बालिका के स्वास्थ्य में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।
डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और सम्मानजनक देखभाल मिलना जरूरी है। बच्चों के हित में किए गए प्रयास समाज में विश्वास और संवेदनशीलता को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि आयोग जरूरतमंद बच्चों के अधिकारों और उनके बेहतर भविष्य के लिए लगातार काम करता रहेगा।



