दुर्ग में दिल दहला देने वाला हत्याकांड, बच्चों को मारकर खुदकुशी करने वाले माता-पिता पर केस दर्ज

दुर्ग
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से पिछले दिनों सामने आए एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। मोहन नगर थाना पुलिस ने दोनों बच्चों की जान लेने वाले मृत माता-पिता के खिलाफ ही हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए मृतक आरोपियों के खिलाफ नए कानून की धारा 103 (1) और 3 (5) के तहत अपराध दर्ज किया है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था।
रात को खाना खाकर सोए थे, सुबह कमरे में मिली लाशें
यह खौफनाक मामला दुर्ग के आर्य नगर वार्ड नंबर 13 का है। यहां रहने वाले गोविंद साहू 21 मई की रात को अपनी पत्नी चंचल कुंवर, 13 साल की बेटी तृष्णा और 11 साल के बेटे यशांक के साथ रोजाना की तरह खाना खाकर अपने कमरे में सोने गए थे। अगले दिन सुबह जब बहुत देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तब गोविंद के भाई नेमचंद साहू की मां धनवंतीन साहू ने कमरे का दरवाजा खोलकर अंदर देखा। अंदर का नजारा देखकर पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
पहले बच्चों का घोटा गला, फिर फंदे पर लटके माता-पिता
कमरे के भीतर गोविंद साहू स्टडी रूम में लगे पंखे से और उनकी पत्नी चंचल कुंवर बेडरूम के पंखे पर नायलॉन की रस्सी के सहारे फांसी के फंदे पर लटके हुए थे। वहीं दोनों मासूम बच्चे तृष्णा और यशांक बेड पर मृत हालत में पड़े हुए थे। जांच के बाद यह साफ हुआ कि पति-पत्नी ने खुदकुशी करने से पहले एक खौफनाक साजिश रची थी। उन्होंने पहले अपने दोनों बच्चों की गला घोंटकर बेरहमी से हत्या की और जब बच्चों की सांसें थम गईं, तो दोनों अलग-अलग कमरों में जाकर फंदे पर झूल गए।
पुलिस ने मृतकों के खिलाफ ही दर्ज की एफआईआर
घटना की बारीकी से जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मोहन नगर पुलिस ने अब इस मामले में कानूनी एक्शन लिया है। चूंकि बच्चों की हत्या खुद उनके माता-पिता ने ही की थी, इसलिए पुलिस ने मृतक गोविंद साहू और उनकी पत्नी चंचल कुंवर को ही आरोपी बनाया है। कानून के जानकारों के मुताबिक जब अपराध करने वाले की मौत हो जाती है, तब भी रिकॉर्ड और जांच को पूरा करने के लिए मृतकों के खिलाफ केस दर्ज किया जाता है। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर इस हंसते-खेलते परिवार ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया।



