गरियाबंद में कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण, मुख्यमंत्री साय ने की 63 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा

गरियाबंद। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को गरियाबंद जिले के दर्रापारा गांव में नवनिर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण किया। अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा केंद्रीय समिति बिन्द्रानवागढ़ द्वारा करीब 1.07 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए इस भवन को जनजातीय समाज की सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया। उन्होंने देवठाना में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पीपल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कचना धुरवा की भूमि जनजातीय समाज की आस्था, संस्कृति और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गोंडवाना भवन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह भवन सामाजिक, शैक्षणिक और सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता संग्रहण और किसानों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि एक समय गरियाबंद और बस्तर क्षेत्र नक्सल प्रभावित इलाकों के रूप में पहचाने जाते थे, लेकिन अब यहां विकास और शांति का माहौल बन रहा है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गोंडवाना भवन परिसर के विकास के लिए 63 लाख रुपये की अतिरिक्त घोषणाएं भी कीं। इनमें बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 27 लाख रुपये, ग्रंथालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपये, भगवान कचना धुरवा की प्रतिमा स्थापना के लिए 6 लाख रुपये और सौंदर्यीकरण के लिए 10 लाख रुपये शामिल हैं।
कार्यक्रम में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।



