छत्तीसगढ़ में ईडी की बड़ी दबिश: रायपुर समेत कई जिलों में एक साथ छापेमारी, कारोबारी शाश्वत लुणावत के घर पहुंची टीम

छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में आज मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की टीमों ने प्रदेश के कई जिलों में एक साथ छापेमारी शुरू कर दी। राजधानी रायपुर समेत कई बड़े शहरों में केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी तड़के ही पहुंच गए। सूत्रों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई जिला खनिज न्यास यानी डीएमएफ फंड में हुए कथित भ्रष्टाचार और गड़बड़ी की जांच के सिलसिले में की जा रही है।
रायपुर से लेकर अंबिकापुर तक नौ ठिकानों पर जांच
बताया जा रहा है कि ईडी की अलग-अलग टीमों ने प्रदेश भर में करीब नौ ठिकानों पर एक साथ दबिश दी है। इस बड़ी कार्रवाई की जद में रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद और अंबिकापुर जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच अधिकारी इन सभी ठिकानों पर वित्तीय लेन-देन और सरकारी टेंडरों से जुड़े कागजातों को खंगाल रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस जांच के बाद कई बड़े रसूखदारों के नाम सामने आ सकते हैं और महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज भी जब्त किए जा सकते हैं।
कारोबारी शाश्वत लुणावत के घर घंटों से पड़ताल जारी
इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर राजधानी रायपुर में देखने को मिला है। यहां के वल्लभ नगर इलाके में रहने वाले प्रतिष्ठित कारोबारी शाश्वत लुणावत के निवास पर ईडी की टीम सुबह-सुबह ही पहुंच गई। पांच अधिकारियों की एक टीम उनके घर के भीतर मौजूद है और पिछले कई घंटों से लगातार दस्तावेजों और कंप्यूटर हार्ड डिस्क की जांच कर रही है। शाश्वत लुणावत राज्य के एक बड़े व्यावसायिक घराने से ताल्लुक रखते हैं और उनका कारोबार कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। जांच टीम उनके घर के अलावा उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर भी रिकॉर्ड खंगाल रही है।
आधिकारिक बयान का इंतजार, प्रदेश की राजनीति गरमाई
हालांकि, इस छापेमारी को लेकर अभी तक ईडी की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान या विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है। एजेंसी के अधिकारी पूरी गोपनीयता के साथ अपनी कागजी कार्रवाई को आगे बढ़ा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में अचानक हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद से सियासी पारा भी चढ़ गया है। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि देर शाम तक इस पूरी पड़ताल में क्या नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आते हैं।


